जय हिंद संवाद के चौथे चरण में सार्वजनिक उपक्रमों के संरक्षण पर चर्चा 

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लखनऊ। यूपी प्रेस क्लब के सभागार में सार्वजनिक उपक्रमों के योगदान और उनके संरक्षण की व्यवस्था पर गंभीर चर्चा का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों के लिए जनता से जुड़े ज़रूरी चुनावी मुद्दों की पड़ताल पर आधारित विमर्श श्रृंखला के क्रम में आयोजित इस विचार गोष्ठी में दस से अधिक वक्ताओं ने अपने विचार रखें।

विमर्श की शुरुआत करते हुए लखनऊ नगर निगम ठेकेदार संगठन के चर्चित नेता फरहत कासिम ने कहा कि बिजली,पानी और दूरसंचार जैसी मूलभूत सुविधाओं को गिने-चुने उद्योगपतियों के हवाले करने का षड्यंत्र खुलेआम जारी है और उस पर रोक लगाने वाली प्रशासनिक और न्यायिक व्यवस्थाएं अक्षम साबित हो रही है।

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पौनी जनकल्याण महासभा के अध्यक्ष एस.एम.विश्वकर्मा ने जयहिंद संवाद के मंच से बताया कि 2014 के बाद से देश में एक भी सार्वजनिक उपक्रम स्थापित नहीं किया गया। और जो उपक्रम लाभ में चल रहे थे उन्हें घाटे का शिकार बनाकर निजी हाथों में सौंपने का क्रम जारी है।

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कांग्रेस महिला दलित प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष विद्या गौतम ने जयहिंद संवाद में आए प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए कांग्रेस के कार्यकाल में शुरू किए गए सार्वजनिक उपक्रमों के योगदान पर चर्चा की। आयुष फार्मासिस्ट संघ,के प्रदेश अध्यक्ष अम्मार जाफरी ने चिकित्सा जैसे जनकल्याणकारी क्षेत्रों में सार्वजनिक सेवाओं के महत्व को बताया और इनके संरक्षित किये जाने की अनिवार्यता पर जोर दिया।

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भाजपा नेता और उत्तर प्रदेश टिम्बर  एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मोहनीश त्रिवेदी ने कहा कि आजादी के बाद से सभी सरकारों ने देश को आगे बढ़ाने का काम किया है चाहे वे आजादी के बाद आने वाली कांग्रेस सरकारें रही हो या मौजूदा समय में केन्द्र और राज्य की भाजपा सरकारें हो हर सरकार समय और परिस्थितियों के अनुसार फैसले करती हैं।

उन्होंने कहा कि बीएसएनएल और विद्युत विभाग जैसे सार्वजनिक उपक्रमों में व्याप्त भ्रष्टाचार ने इन्हें निजीकरण के रास्ते पर बढ़ाया है जिस पर चर्चा होनी चाहिए। लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र के सुप्रिद्ध व्यवसायी और समाजसेवी अविनाश चंद्र जैन ने सार्वजनिक उपक्रमों को महत्वपूर्ण बताते हुए रेलवे में बुजुर्गों के लिए यात्रा व्यय में राहत समाप्त करने के फैसले को गलत बताया।पीपुल्स जन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राशिद जमील खान मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था को देश के नागरिकों के बीच विभेद पैदा करने वाली और भारत के संवैधानिक नीतियों की दिशा के विपरीत जाने वाली बताया।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के नेता जी.एम.सिंह ने चिकित्सा क्षेत्र में व्याप्त गड़बड़ियों को रेखांकित करते हुए केन्द्रीय आयुष्मान योजना को मौजूदा सदी का सबसे बड़ा घोटाला बताया। जिसके कारण जनता के टैक्स से आए हजारों करोड़ रुपए निजी चिकित्सा संस्थानों के अकाउंट में पहुंचाये गए। भारत के प्रमुख ट्रेड यूनियन नेता और भागीदारी आंदोलन के अध्यक्ष पीसी कुरील ने जय हिंद संवाद के इस आयोजन को मौजूदा समय की ज़रूरत बताते हुए कहा कि भारत की सम्पूर्ण प्रगति का आधार हमारा शुरुआती नेतृत्व रहा है। जिसकी बनाई नीतियों के कारण भारत का लोकतंत्र आज भी सुरक्षित है। 

उन्होंने लोकतंत्र के संचालन में सबकी भूमिका और सबकी हिस्सेदारी की बात कही। आजाद चालक यूनियन के अध्यक्ष प्रभु दीप सिंह सलूजा ने बताया कि लखनऊ एयरपोर्ट अडानी के हवाले होते ही जनता के लिए फ्री पार्किंग समाप्त कर दी गई और कार टैक्सी पार्किंग का रेट 40 से 150 रुपए हो गया है। भारतीय संविधान सम्मान समिति की अध्यक्ष बौद्ध मती विमला देवी ने मौजूदा समय की सभी समस्याओं का समाधान डा.अंबेडकर के दिए हुए संविधान के माध्यम से करने की बात कही। 

लेखक के बारे में

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हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

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