लॉन्च हुआ टीबी मुक्त भारत ऐप

— ‘खुशी–आपकी ई-संगिनी’ चैटबॉट से मिलेगी टीबी संबंधी जानकारी और परामर्श

Published By Shubham Kashyap
On
Shubham Kashyap Picture

लखनऊ। टीबी मरीजों तक सहायता और जानकारी आसानी से पहुंचाने के लिए टीबी मुक्त भारत ऐप लॉन्च किया गया है। "यह ऐप नि:क्षय मित्रों,टीबी मरीजों,स्वयंसेवकों और आम नागरिकों को एक डिजिटल मंच पर जोड़ता है।"इसके माध्यम से मरीजों को समय पर सहयोग मिल सकेगा और टीबी उन्मूलन अभियान को और मजबूती मिलेगी। ये जानकारी सीएमओ डॉ. एन.बी. सिंह ने दी। उन्होंने बताया टीबी मुक्त भारत ऐप सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग का नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। यह ऐप नि:क्षय मित्रों,स्वयंसेवकों,स्वास्थ्य कर्मियों और आम नागरिकों को अभियान से जोड़कर जनभागीदारी को मजबूत करेगा।
तकनीक के प्रभावी उपयोग से टीबी मरीजों तक सहायता और मार्गदर्शन की पहुंच बढ़ेगी तथा टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में तेजी आएगी। उन्होंने सभी स्टेकहोल्डर  से ऐप डाउनलोड कर अभियान में सक्रिय योगदान देने की अपील की। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ.ए.के. सिंघल ने बताया कि टीबी मुक्त भारत ऐप को टीबी संबंधी जागरूकता बढ़ाने, मरीजों को सहयोग उपलब्ध कराने तथा विभिन्न हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। ऐप में “खुशी – आपकी ई-संगिनी” नामक एक इंटरैक्टिव चैटबॉट उपलब्ध है, जो उपयोगकर्ताओं को टीबी संबंधी जानकारी, परामर्श और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच बनाने में सहायता करता है। यह चैटबॉट हिन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे अधिक से अधिक लोग अपनी सुविधा के अनुसार जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

 



 

लेखक के बारे में

Shubham Kashyap Picture

शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।

नवीनतम

परमार्थ निकेतन में श्रीराम कथा का 33वां दिवस, संस्कार और प्रकृति संरक्षण का संदेश

ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन के पावन गंगा तट पर आयोजित 34 दिवसीय श्रीराम कथा आज अपने 33वें दिवस में प्रवेश कर...
उत्तराखंड 
परमार्थ निकेतन में श्रीराम कथा का 33वां दिवस, संस्कार और प्रकृति संरक्षण का संदेश