रालोद पार्टी को बड़ा झटका, अध्यक्ष डॉ. रामाशीष राय ने दिया इस्तीफा
घटना पर रालोद की आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई सामने
लखनऊ। राष्ट्रीय लोकदल(रालोद) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामाशीष राय ने शुक्रवार को अपने पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) चौधरी जयंत सिंह को भेज दिया है। फिलहाल इस पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व या चौधरी जयंत सिंह की तरफ से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
डॉ. रामाशीष राय ने त्यागपत्र में वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। पत्र में उन्होंने लिखा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के 'संपूर्ण क्रांति' आंदोलन से प्रेरित होकर राजनीति में आए। व्यवस्था परिवर्तन का जो सपना देखा गया था,वह आज भी अधूरा है। भारतीय लोकतंत्र धीरे-धीरे धनबल और प्रभावशाली वर्गों के नियंत्रण में सिमटता दिखाई दे रहा है। समाज को जाति, उपजाति और संप्रदाय के आधार पर विभाजित करने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है।
अपने इस्तीफे में उन्होंने किसानों और नौजवानों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों का उल्लेख करते हुए डॉ.राय ने कहा कि वर्तमान में सार्वजनिक जीवन में उच्च स्थानों पर बैठे लोग सामाजिक विभाजन और जातीय उन्माद को बढ़ावा दे रहे हैं, जो देशहित के खिलाफ है। उन्होंने अपने पत्र के अंत में लिखा कि 'व्यक्ति से बड़ा दल और दल से बड़ा देश' होता है। इसी वैचारिक और नैतिक कारणों से वे उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अपना त्यागपत्र दे रहे हैं।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
