डीजीपी सख्त: अपराध पर रोजाना नजर, फेक न्यूज पर एक्शन
रक्षाबंधन और बारावफात पर बढ़ेगी पुलिस की मौजूदगी
- ‘यक्ष’ एप पर अपराधियों का सही रिकॉर्ड दर्ज करने के निर्देश
लखनऊ। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश राजीव कृष्ण ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में प्रदेश की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। ऑनलाइन माध्यम से आयोजित बैठक में प्रदेश के सभी जोनल अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्त, परिक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक/उप महानिरीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी शामिल हुए।
बैठक में आगामी रक्षाबंधन और बारावफात पर्व के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था, अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति, ‘यक्ष’ एप में अपराधियों के आपराधिक रिकॉर्ड का अद्यतन, लंबित विवेचनाओं के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, मिशन शक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली और सोशल मीडिया पर फेक न्यूज की निगरानी समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा की गई। डीजीपी राजीव कृष्ण ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति केवल निर्देशों तक सीमित न रहे, बल्कि इसका प्रभाव दैनिक अपराध नियंत्रण में स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्राथमिकता वाले अपराधों और संवेदनशील मामलों में निरंतर सतर्कता, नियमित समीक्षा, त्वरित कार्रवाई और प्रभावी जवाबदेही सुनिश्चित करने की व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। उन्होंने जनपद, रेंज और जोन स्तर पर ऐसा प्रभावी तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए, जिसके तहत महत्वपूर्ण और जनभावना को प्रभावित करने वाले मामलों की रोजाना समीक्षा और मॉनिटरिंग हो। लूट, डकैती, छिनैती, छेड़खानी, महिला संबंधी अपराध, धर्म परिवर्तन अथवा लव जिहाद से संबंधित प्रकरण, गोवध और गो-तस्करी जैसे मामलों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया। डीजीपी ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक संवेदनशील मामले में तथ्यों के आधार पर समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
साथ ही ऐसे मामलों की निगरानी वरिष्ठ स्तर पर लगातार की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे। बैठक में सोशल मीडिया पर फैलने वाली फर्जी और भ्रामक सूचनाओं को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए। डीजीपी ने कहा कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और विशेष रूप से सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली सूचनाओं की प्रभावी और लगातार निगरानी की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी संदिग्ध सूचना के सामने आते ही उसके तथ्यों का तत्काल सत्यापन कराया जाए।
सूचना सही पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाए, जबकि फर्जी, भ्रामक या जानबूझकर तथ्यों को विकृत कर प्रसारित की गई सामग्री के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ऐसी सामग्री को संबंधित नियमों के तहत टेकडाउन कराने के साथ ही पोस्ट करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं के जरिए कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति को रोकना है।
आगामी रक्षाबंधन और बारावफात को लेकर डीजीपी ने प्रदेशभर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। रक्षाबंधन के दौरान महिलाओं और आम लोगों की आवाजाही बढ़ने को देखते हुए बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, टैक्सी स्टैंड, ई-रिक्शा और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने को कहा गया। इन स्थानों पर एंटी रोमियो स्क्वाड को भी सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिसकर्मियों को ड्यूटी से पहले उनकी जिम्मेदारियों और दायित्वों के बारे में प्रभावी ब्रीफिंग कराने को कहा गया, ताकि यात्रियों की सहायता, महिला सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
प्रमुख मार्गों, राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर पुलिस पेट्रोलिंग और विजिबिलिटी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। डीजीपी ने कहा कि दोनों त्योहारों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जाए। इसके अलावा मोटरसाइकिल या अन्य वाहनों से स्टंटबाजी, तेज रफ्तार और खतरनाक ड्राइविंग पर प्रभावी रोक लगाने तथा नियमों के अनुसार कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
