मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज तहसील सभागार में जन शिकायतों की निस्तारण के लिए शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस फरियादियों की शिकायतों को दर्ज की जाने वाली लाल रसीद पर तहसील प्रशासन द्वारा अचानक प्रतिबंध लगा देने से कई फरियादियों को मायूस होना पड़ा।
संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता कर रहीं एडीएम सिविल सप्लाई ज्योति गौतम से किसान यूनियन के तमाम पदाधिकारियों व कई फरियादियों ने मौखिक शिकायत करते हुए तहसील प्रशासन पर आरोप लगाया कि पूर्व में आयोजित हुए तहसील संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जो लाल पर्ची फरियादियों को दी जाती थी वह इस बार सभी शिकायत प्रार्थना पत्रों पर नहीं दी जा रही है।
शिकायती पत्र लेकर रसीद कटवाने के लिए लाइन में लगे फरियादियों से रसीद काटने के लिए काउंटर पर बैठाए गए बाहरी व्यक्तियों द्वारा दो टूक जवाब दिया जाता है कि पहले शिकायत करो अधिकारी जब प्रार्थना पत्र पर रसीद के लिए लिखेंगे तभी लाल रसीद मिलेगी।
जानकारी के अनुसार संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों को शिकायती पत्रो को लिखित आंकड़ों में कमी लाने के लिएतहसील स्तरीयअधिकारियों द्वारा बनाई गई गुप्त योजना के तहत शिकायत सुनने के दौरान तहसील स्तरीय अधिकारी जिन प्रार्थना पत्रों पर कोड वर्ड (आर) लिख रहे हैं उसका मतलब शिकायत रिशिव है उनको रसीद दी जाती है जो शिकायत पत्र में कुछ नहीं लिखा होता है उनको रसीद नहीं दी जा रही है साथ ही तमाम प्रार्थना पत्रों को फरियादियों से लेने के बाद अपने पास थोक के भाव रख लेते हैं जिन पर निस्तारण की कोई कार्यवाही नहीं होनी है।
एडीएम सिविल सप्लाई ज्योति गौतम ने संपूर्ण समाधान दिवस के लिए निर्गत शासनादेश को प्राथमिकता के आधार पर मानते हुए फरियादियों की शिकायतों के पंजीकरण मे दी जाने वाली रसीद पर गंभीर रुख अपनाते हुए एसडीएम आकाश सिंह को तत्काल इस मामले में देखने को कहा और कहा की यदि ऐसा हो रहा है तो गलत है क्योंकि प्रत्येक फरियादी की शिकायत का पंजीकरण और उनका निस्तारण शासन की मंशा के अनुसार प्राथमिकता के आधार पर होना अनिवार्य है।
उप जिलाधिकारी मोहनलालगंज आकाश सिंह ने बताया कि शनिवार को आयोजित तहसील संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 117 शिकायती पत्र मिले हैं जिनमें 18 का मौके पर निस्तारण कराया गया शेष अंनिस्तारित 99 प्रार्थनापत्रों को निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को भेज दिया गया है।