विश्व अल्जाइमर दिवस के अवसर पर सीएमई का आयोजन
— वृद्धावस्था में उत्पन्न होने वाली समस्याओं पर की चर्चा

लखनऊ। विश्व अल्जाइमर दिवस के अवसर पर मनोचिकित्सा विभाग द्वारा एक निरंतर चिकित्सा शिक्षा सीएमई का आयोजन किया गया। न्यूरोलॉजी विभाग से प्रोफेसर प्रदीप कुमार मौर्य, सर्जरी विभाग से डॉ. रुद्रामणि एवं नर्सिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. शिव कुमार मुद्गल ने अपने वक्ताओं ने बड़ी सहजता से समझाया कि वृद्धावस्था में उत्पन्न होने वाली समस्याओं को समय रहते कैसे पहचाना जा सकता है और इनका प्रबंधन बच्चों तथा वयस्कों की तुलना में किस प्रकार भिन्न होता है। साथ ही यह भी बताया गया कि मरीज की देखभाल के साथ-साथ एक केयरगिवर को स्वयं के स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन का भी ध्यान रखना उतना ही आवश्यक है। भविष्य में आने वाली संभावित चुनौतियों से किस प्रकार सहजता से निपटा जा सकता है, इस पर भी विस्तृत एवं सारगर्भित चर्चा की गई। इस अवसर की एक विशेष उपलब्धि रही नर्सिंग के छात्र-छात्राओं द्वारा आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता, जिसने विश्व अल्जाइमर दिवस के संदेश को रचनात्मक ढंग से जन-जन तक पहुंचाने में सराहनीय भूमिका निभाई।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक, डीन, कार्यकारी रजिस्ट्रार, सीएमएस एवं एमएस की उपस्थिति रही। मनोचिकित्सा विभाग के फैकल्टी सदस्य डॉ. ए. क्यू. जिलानी, डॉ. आकांक्षा शर्मा, डॉ. अनुरंजन विश्वकर्मा एवं डॉ. शांतनु शुक्ला समेत विभागों से वरिष्ठ फैकल्टी सदस्य डॉ. वी. एस. गोगिया, डॉ. भुवन चंद तिवारी, डॉ. शैली महाजन, डॉ. मिली सेंगर मिश्रा, डॉ. कृष्ण कुमार सिंह एवं डॉ. शिवम वर्मा मौजूद रहे।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
