दवा के साइड इफेक्ट पहले से लिखे मिलते :सुनील यादव
— सुरक्षित दवा के लिए सहयोग करें : सुनील यादव
लखनऊ। दवा के साइड इफेक्ट पहले से लिखे मिलते हैं, लेकिन कभी— कभी दवा की अन्य प्रतिक्रिया भी सामने आ जाती है, जो गंभीर भी हो सकती है, जिसका नियमित पर्यवेक्षण मरीज के लिए आवश्यक है। ये जानकारी उत्तर प्रदेश स्टेट फार्मेसी काउंसिल के पूर्व चेयरमैन एवं फार्मासिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव ने दी।
उन्होंने बताया दवा लेने के बाद यदि किसी मरीज को कोई संदिग्ध प्रतिकूल दवा प्रतिक्रिया होती है, तो उसकी सूचना आसानी से फोन के माध्यम से दी जा सकती है। इसके लिए फार्माकोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया की टोल-फ्री हेल्पलाइन उपलब्ध है। स्वास्थ्यकर्मी ही नहीं, बल्कि मरीज और आम नागरिक भी स्वयं एडीआर की रिपोर्ट कर सकते हैं।
दवा की सुरक्षा सुनिश्चित करने, गंभीर नुकसान को रोकने के लिए इस सप्ताह जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से सभी का ध्यान आकृष्ट किया जा रहा है। आम जनता एवं फार्मासिस्टों से एडीआर की रिपोर्टिंग की अपील करते हुए
फार्मेसी काउंसिल के पूर्व चेयरमैन एवं फार्मासिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि दवाओं से होने वाले प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं की समय पर सूचना देना मरीजों की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सुनील यादव ने कहा कि प्रत्येक एडीआर रिपोर्ट, प्रत्येक सेफ्टी सिग्नल का वैज्ञानिक मूल्यांकन और दवाओं के तर्कसंगत उपयोग की हर कोशिश मरीजों की सुरक्षा को मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि यह सप्ताह सुरक्षित दवाओं और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी को दोहराने का अवसर है।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
