भीषण गर्मी में बिजली गुल से बड़ी उपभोक्ताओं की समस्या, तीन दिन बाद बदला ट्रांसफॉर्मर
अमौसी चीफ की फटकार पर बदला ट्रांसफॉर्मर
- 10 केवीए के ट्रांसफॉर्मर से सभी घरों को मिलती बिजली सप्लाई
मोहनलालगंज। गोसाईंगंज में बिजली विभाग के अधिकारियों को रेलवे स्टेशन के बगल की कॉलोनी का ट्रांसफॉर्मर बदलने में तीन दिन लग गए। लिहाजा कॉलोनी में रहने वाले परिवार भीषण गर्मी में 72 घंटे तक बिजली संकट झेलते रहे। अमौसी जोन चीफ की फटकार के बाद नींद से जागे अधिकारियों ने रातों रात ट्रांसफॉर्मर बदलवाकर उपभोक्ताओं की समस्या का निदान कराया। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
गोसाईंगंज रेलवे स्टेशन के निकट प्राइवेट कॉलोनी में आधा दर्जन उपभोक्ताओं ने बिजली कनेक्शन ले रखा है। जिसके लिए 10 केवीए के ट्रांसफॉर्मर से सभी घरों को बिजली सप्लाई दी जाती है। गुरुवार की रात अचानक कॉलोनी की बिजली गुल हो गई। उपभोक्ता गोसाईं गंज सबस्टेशन के कर्मचारियों को फोन करते रहे लेकिन आरोप है कि शुक्रवार दिन तक कोई झांकने नही आया। मामले की शिकायत एसडीओ गोसाईंगंज के सीयूजी नंबर पर की गई।
जल्द समाधान कराए जाने का आश्वासन मिला लेकिन कोई कार्रवाई नही हुई। कुछ लोगों ने सबस्टेशन जाकर भी बिजली समस्या की सूचना दी जिस पर कॉलोनी का ट्रांसफॉर्मर फूंका होने की जानकारी दी गई। उपभोक्ताओं की शिकायत पर एसडीओ गोसाईंगंज लगातार जल्द ट्रांसफॉर्मर बदलवाए जाने का आश्वासन देते रहे लेकिन कुछ नही हो सका। इस बीच मामले की सूचना एक्सइएन एसके सिंह को दी गई। एक्सइएन ने मातहतों को फटकार लगाई फिर भी जिम्मेदारों की नींद नही टूट सकी। भीषण गर्मी से बेहाल उपभोक्ताओं का दर्द रविवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो हड़कंप मच गया।
ये खबर भी पढ़े : अवैध कब्जे हटाना योगी सरकार की प्राथमिकता, सपा-कांग्रेस ने राम मंदिर का किया विरोध : चौधरी भूपेंद्र सिंहअमौसी जोन के चीफ इंजीनियर रामकुमार ने मामले का संज्ञान लेकर मातहतों को कड़ी फटकार लगाई। तब जाकर सोमवार की सुबह 4.27 बजे फुंका ट्रांसफार्मर बदलकर तीन दिन से बिजली संकट झेल रहे उपभोक्ताओं को सप्लाई मुहैया कराई गई। जिसे लेकर पीड़ित उपभोक्ताओं ने गोसाईंगंज के बेपरवाह अधिकारियों की जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग की है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
