अच्छी नस्ल के पशुओं के बढ़ने से आयेगी खुशहाली: मेश्राम
कृत्रिम गभार्धान एवं टीकाकरण में सुधार पर कार्यशाला
लखनऊ, । पशुधन विकास परिषद एवं पशुपालन विभाग द्वारा कृत्रिम गभार्धान एवं टीकाकरण जागरूकता पर आयोजित कार्यशाला में सेक्स्ड सीमेन के उपयोग, टीकाकरण की गुणवत्ता एवं कोल्ड चेन व्यवस्था और भारत पशुधन एप के उपयोग पर विशेषज्ञों द्वारा चर्चा की गयी।
लखनऊ विश्व विघालय में आयोजित कार्यशाला में अपर मुख्य सचिव, पशुधन एवं दुग्ध विकास मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि पशुधन में कृत्रिम गभार्धान एवं टीकाकरण के आच्छादन में गुणात्मक एवं संरचनात्मक सुधार लाना होगा। पशु उत्पादकता को बढ़ाना है ताकि पशुपालकों की आय में वृद्धि हो। इससे विभाग द्वारा प्रदेश की वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने में योगदान दिया जा सकेगा। कार्यशाला के तकनीकी सत्र में वगीर्कृत वीर्य द्वारा कृत्रिम गभार्धान, डिजिटल अभिलेखीकरण द्वारा पारदर्शी अनुश्रवण, टीकाकरण की गुणवत्ता, सीरो सर्विलांस पर विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही जानकारी का लाभ उठाएं।
उन्होंने अलीगढ़, लखनऊ, गाजियाबाद, जौनपुर एवं पीलीभीत को सम्मानित किया गया। प्रदेश के मैदानी परिस्थितियों में पशुधन टीकाकरण की गुणवत्ता एवं संख्या में सुधार की रणनीति, टीकाकरण की माइक्रो प्लानिंग एवं डाटा अपलोडिंग का महत्व, वैक्सीन की कोल्ड चेन व्यवस्था तथा फील्ड में उसके सुरक्षित रखरखाव पर भी जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त भारत पशुधन एप पर डाटा अपलोड करने में आने वाली चुनौतियों एवं उनके समाधान पर भी विचार-विमर्श किया गया। कार्यशाला में विशेष सचिव पशुधन देवेन्द्र पाण्डेय, निदेशक प्रशासन एवं विकास डा0 राजेन्द्र प्रसाद, निदेशक डा0 संगीता तिवारी सहित कई अधिकारी एवं पशुपालन विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
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लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
