- 18 विद्युत उपकेंद्रों के संचालन के लिए करीब 200 संविदा कर्मियों की तैनाती
मोहनलालगंज। अमौसी जोन के 11 केवी एवं एलटी काकोरी खंड में लाइन मेंटीनेंस के लिए संविदा कर्मियों की कमी से बिजली व्यवस्था प्रभावित हो रही है। भीषण गर्मी और बारिश के मौसम में पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण 11 केवी और एलटी लाइनों का समय पर रखरखाव नहीं हो पा रहा है। जिसका खामियाजा लाखों उपभोक्ताओं को बार-बार बिजली कटौती और फॉल्ट के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
वर्टिकल सिस्टम लागू होने के बाद अमौसी जोन के 11 केवी एवं एलटी काकोरी खंड के 18 विद्युत उपकेंद्रों के संचालन के लिए करीब 200 संविदा कर्मियों की तैनाती की गई है। लेकिन इनमें लाइन मेंटीनेंस के लिए जरूरत के मुताबिक पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं। परिणामस्वरूप फॉल्ट ठीक करने, पेड़ों की छंटाई, जर्जर तारों के रखरखाव और अन्य तकनीकी कार्यों में लगातार देरी हो रही है। स्थिति यह है कि 33 केवी लाइनों के रखरखाव के लिए भी पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध नहीं कराया गया है। ऐसे में 33 केवी लाइन की मेंटीनेंस का जिम्मा भी 11 केवी लाइन पर कार्यरत संविदा कर्मियों को ही निभाना पड़ रहा है।
इससे कर्मचारियों पर कार्यभार बढ़ गया है और मेंटीनेंस कार्य प्रभावित हो रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर कर्मचारियों का कहना है कि सीमित संसाधनों और कम स्टाफ के बावजूद पूरे क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था संभालना चुनौती बन गया है। मोहनलालगंज गोसाईंगंज नगराम और शारदानगर समेत सभी 18 विद्युत उपकेंद्रों के विद्युत उपभोक्ताओं के सोशल मीडिया ग्रुप पर शाम ढलते ही शिकायतों की झड़ी लग जाती है।
स्टाफ की कमी से जिनका समाधान करने और उपभोक्ताओं के आक्रोश का सामना करने में अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं। वहीं विभागीय अधिकारी संविदा कर्मियों की संख्या बढ़ाने के सवाल पर चुप्पी साधे हुए हैं। लिहाजा बारिश के मौसम में लाखों उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति मुहैया कराना स्टाफ के लिए अग्निपरीक्षा साबित हो रहा है। इस बारे में अमौसी जोन के अधीक्षण अभियन्ता तकनीकि ब्रह्मपाल का पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उनका फोन ही नही उठ सका।