बस्ती की बेटी आकृति गुप्ता ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा त्रिपुरा में चयनित होकर रचा इतिहास
बस्ती - जिले की प्रतिभावान रंगकर्मी आकृति गुप्ता ने अपनी कड़ी मेहनत और अभिनय के दम पर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। आकृति का चयन प्रतिष्ठित राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय त्रिपुरा के तीन वर्षीय डिप्लोमा कोर्स के लिए हुआ है। इस प्रतिष्ठित संस्थान में प्रवेश पाकर उन्होंने न सिर्फ अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे बस्ती जिले का मान बढ़ाया है।
एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली आकृति ने सीमित संसाधनों के बावजूद कभी अपने सपनों से समझौता नहीं किया। बचपन से ही अभिनय और थिएटर के प्रति उनका गहरा लगाव था। बस्ती की स्थानीय नाट्य संस्थाओं से जुड़कर उन्होंने अभिनय की बारीकियों को देखा और सीखा। दिन-रात के कड़े अभ्यास और रंगमंच के प्रति उनके अटूट समर्पण का ही परिणाम है कि आज उन्होंने देश के सबसे प्रतिष्ठित नाट्य संस्थानों में से एक में अपनी जगह पक्की की है। आकृति के इस ऐतिहासिक उपलब्धि से उनके सगे सम्बन्धों, शुभचिंतकों और जनपदवासियों मे जश्न का माहौल है।
स्थानीय रंगकर्मियों, साहित्यकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रबुद्ध जनों ने इसे बस्ती के सांस्कृतिक इतिहास के लिए एक बड़ा मील का पत्थर बताया है। लोगों का कहना है कि आकृति की यह सफलता जिले की अन्य बेटियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनेगी, जो कला और रंगमंच के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती हैं। अपनी इस शानदार सफलता पर बेहद उत्साहित आकृति ने बताया, “यह मेरे लिए एक सपने के सच होने जैसा है। एनएसडी त्रिपुरा में मुझे देश के बेहतरीन रंगमंच विशेषज्ञों से सीखने का मौका मिलेगा। मेरा लक्ष्य अभिनय की बारीकियों को सीखकर भारतीय रंगमंच और सिनेमा में एक सार्थक योगदान देना है।“ उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने परिवार के अटूट सहयोग और अपने गुरुओं के मार्गदर्शन को दिया है।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले सर्वेश श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में ‘तरुणमित्र’ के ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज उनके काम की पहचान है।
