अबान के जनाजे में शामिल होने झांसी जेल से प्रयागराज रवाना हुआ अली
सुरक्षा में 30 पुलिसकर्मी, हर थाने की पुलिस करेगी एस्कॉर्ट
झांसी। माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को शनिवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे झांसी जिला जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच बाहर निकालकर प्रयागराज रवाना किया गया। अली अपने छोटे भाई आबान अहमद के जनाजे में शामिल होगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट से दो दिन की पैरोल मिलने के बाद जेल प्रशासन और पुलिस ने उसकी यात्रा के लिए सुरक्षा का विशेष इंतजाम किया।
शनिवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे अली को लेकर पुलिस की वैन प्रयागराज के लिए रवाना हुई। वैन में करीब 30 पुलिसकर्मी तैनात रहे। अली का चेहरा मीडिया के कैमरों में न आए, इसके लिए जेल गेट के पास खड़ी पुलिस वैन पर पर्दे लगाए गए थे। जेल के बाहर सुरक्षा के मद्देनजर करीब 100 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। मीडिया कर्मियों को जेल गेट से करीब 100 मीटर दूर रखा गया।
झांसी से प्रयागराज के करीब 400 किलोमीटर के रास्ते में जिन-जिन थानों की सीमा से अली को लेकर पुलिस वैन गुजरेगी, वहां स्थानीय पुलिस उसे एस्कॉर्ट करेगी। इसके लिए मार्ग में पड़ने वाले सभी संबंधित थानों को अलर्ट किया गया है। पुलिस के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है। जेल अधीक्षक विनोद कुमार ने देर रात जानकारी दी थी कि गार्द के मिलते ही अली को रवाना किया जाएगा।

लखनऊ जेल में बंद अली का बड़ा भाई उमर अहमद भी आबान के जनाजे में शामिल होगा। दोनों भाइयों को सुरक्षा घेरे में सीधे जेल से कब्रिस्तान ले जाने की तैयारी है। जनाजे के बाद उन्हें वापस संबंधित जेलों में पहुंचाया जाएगा। इस दौरान दोनों की अपने छोटे भाई अहजम और बुआ परवीन कुरैशी से पुलिस की मौजूदगी में करीब एक घंटे मुलाकात कराई जाएगी।
हाईकोर्ट ने अली और उमर को पैरोल देते हुए चार शर्तें लगाई हैं। दोनों मीडिया से बातचीत नहीं करेंगे, सोशल मीडिया गतिविधियों में शामिल नहीं होंगे, किसी सार्वजनिक सभा को संबोधित नहीं करेंगे और किसी अन्य कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेंगे।
बताया जा रहा है कि दोनों भाइयों को पहली बार पैरोल मिली है। इससे पहले पिता अतीक अहमद और भाई असद के जनाजे में वे शामिल नहीं हो सके थे। आबान को प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा, जहां अतीक, अशरफ और असद की कब्रें भी हैं। गौरतलब है कि आबान की गुरुवार को झांसी में सड़क हादसे में मौत हुई थी। वह दोस्तों के साथ भाई अली से मिलने आ रहा था। रास्ते में कार डिवाइडर से टकरा गई, जिसमें आबान और उसके साथी सोनू की मौत हो गई थी।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
