35 करोड़ पेड़ लगाने को नहीं, 350 करोड़ कमाने का हो रहा खेल: अखिलेश यादव
वृक्षारोपण को लेकर अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना
- जिन्होंने प्रभु का दरबार नहीं छोड़ा, वो बगीचा और बाग क्या छोड़ेंगे
- वृक्षारोपण को बताया भ्रष्टारोपण, प्रति पेड़ 10 रुपए के हिसाब से 350 करोड़ के गबन का आरोप
लखनऊ। रविवार प्रदेश भर में वृक्षारोपण को लेकर विशेष अभियान चलाया गया। वहीं इस वृक्षारोपण अभियान को लेकर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के लिए ह्यवृक्षारोपणह्ण दरअसल ह्यभ्रष्टारोपणह्ण का कार्यक्रम है। यह 35 करोड़ पेड़ लगाने का नहीं बल्कि प्रत्येक पेड़ से कम-से-कम 10 रुपए मतलब कुल मिलाकर 350 करोड़ कमाने की गुप्त भाजपाई योजना है।
अखिलेश यादव ने कहा कि जिन्होंने प्रभु का दरबार नहीं छोड़ा, वो बगीचा और बाग क्या छोड़ेंगे। भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है। हर विभाग और हर कार्य में भ्रष्टाचार और लूट है। भाजपा सरकार में योजनाएं भ्रष्टाचार करने के लिए बनाई जाती हैं। सरकार ने 10 साल में कागजों पर ही पेड़ लगाए हैं इनके पेड़ जमीन पर नहीं दिखाई देते हैं। जो कहीं लगे भी वह पानी के बगैर सूख गए।
ये खबर भी पढ़े : मंदिर में दर्शनार्थियों की कमी नहीं , भक्त आस्था के साथ दर्शन कर रहे हैं : नृपेंद्र मिश्रासरकार हर साल वृक्षारोपण के नाम पर भ्रष्टाचार की नई योजना के साथ आती है। बजट का बंदर बांट हो जाने के बाद अभियान समाप्त हो जाता है। फिर सरकार को साल भर तक ना पेड़ों की चिंता रहती है और ना पर्यावरण की। इस सरकार में पेड़ और वनों की अवैध कटाई हो रही है। अखिलेश ने कहा कि पर्यावरण के लिए गंभीर संकट पैदा होता जा रहा है। हर तरह का प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। वायु प्रदूषण के साथ जल प्रदूषण बड़ी समस्या के रूप में सामने आ रही है।
भाजपा सरकार ने नदियों की सफाई का झूठा वादा किया। नदियों की सफाई के लिए आया बजट भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। मां गंगा नदी की सफाई नहीं हुई और न गंगा जी की सहायक नदियों की सफाई हुई। यमुना नदी बुरी तरह प्रदूषित है। प्रदेश में तमाम नदियां अपने अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही है। समाजवादी पार्टी की सरकार में लखनऊ में गोमती नदी की सफाई की गयी। विश्वस्तरीय गोमती रिवर फ्रंट बनाकर नदियों की सफाई का उदाहरण प्रस्तुत किया, लेकिन भाजपा सरकार ने गोमती रिवरफ्रंट को बर्बाद कर दिया।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
