चाइनीज मांझे पर रोक लगाने पर हुई चर्चा
लखनऊ। लखनऊ के व्यापारी प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का विक्रय नहीं कर रहे हैं। प्रतिबंधित मांझे की बिक्री मुख्य रूप से कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से हो रही है। पूर्व में चौक थाने में पुलिस प्रशासन के साथ हुई बैठक में व्यापारियों ने स्वेच्छा से प्रतिबंधित मांझे की चरखियां एवं धागे नष्ट किए थे और शपथ ली थी कि भविष्य में प्रतिबंधित मांझे का व्यापार नहीं करेंगे। ये बातें अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने कही। शनिवार को प्रमुख सचिव, राज्य कर, उत्तर प्रदेश एवं राज्य कर आयुक्त कामिनी रतन चौहान के साथ लखनऊ व्यापार मंडल कार्यालय में अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र की अध्यक्षता में व्यापारी संवाद का आयोजन किया गया। बैठक का मुख्य विषय प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री पर रोक एवं जन-जागरूकता रहा। प्रमुख सचिव के समक्ष शपथ ली कि कोई भी व्यापारी जान-माल के लिए खतरा बनने वाले प्रतिबंधित मांझे का विक्रय नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि पहले शहर में पुल कम संख्या में थे, जबकि आज पूरे शहर में ऊंचे-ऊंचे पुल बने हुए हैं। पतंग का धागा इन पर फंस जाने से दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए सभी को मिलकर इस गंभीर समस्या का समाधान करना होगा। महामंत्री अनुराग मिश्रा ने व्यापारियों से संबंधित विभिन्न समस्याओं से प्रमुख सचिव को अवगत कराया।व्यापारी पहले से संकल्पबद्ध है कि प्रतिबंधित माझा नहीं बेचेगा हम इसकी जिम्मेदारी लेते हैं। जहाँ भी जरूरत होगी उन फ्लाई ओवर में हम व्यापारी मिल कर तार लगाएंगे। वरिष्ठ महामंत्री पवन मनोचा ने कहा कि जब व्यापारियों ने स्वयं यह संकल्प लिया है कि प्रतिबंधित मांझा नहीं बेचेंगे, तब प्रशासन को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यदि किसी व्यापारी के यहां जांच की जाए तो संबंधित व्यापारी संगठन एवं व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों को भी साथ रखा जाए,जिससे अनावश्यक उत्पीड़न न हो।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
