अजन्मे बच्चे का जबरन गर्भपात कराने और झूठे आर्म्स एक्ट में फंसाने का आरोप
एसपी से निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और सुरक्षा की मांग
रामनाथ सिंह, बिजनौर संवाददाता
बिजनौर। अफजलगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम मीरापुर मोतीवाला निवासी बलजीत सिंह ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर विपक्षी पक्ष पर उसकी पत्नी के गर्भ में पल रहे बच्चे का कथित रूप से जबरन गर्भपात कराने, जानलेवा हमला करने तथा बाद में उसे और उसके रिश्तेदार को झूठे आर्म्स एक्ट के मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
शिकायती पत्र में बलजीत सिंह ने बताया कि उसका विवाह दिसंबर 2025 में ग्राम रसूलपुर आबाद निवासी नवजोत कौर के साथ तहसील धामपुर में पंजीकृत हुआ था। उसके अनुसार विवाह के बाद पत्नी गर्भवती हुई थी और गर्भावस्था से संबंधित रिकॉर्ड यू-विन पोर्टल पर दर्ज है। आरोप है कि 1 मई 2026 को पत्नी की मौसी ने फोन कर गर्भपात कराने के लिए दबाव बनाया। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि इस बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग उसके पास सुरक्षित है।
बलजीत सिंह का आरोप है कि 9 मई को पुलिस के दबाव में उसकी पत्नी से शपथ पत्र लिखवाकर उसे मायके भेज दिया गया, जहां कथित तौर पर करीब साढ़े चार माह के गर्भ का जबरन गर्भपात करा दिया गया। उसने इस पूरे मामले में संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कराने की मांग की है।
शिकायती पत्र के अनुसार 26 अगस्त को बलजीत सिंह अपने मौसेरे भाई लवप्रीत सिंह और लवजीत सिंह के साथ नानी के घर से लौट रहा था। आरोप है कि रास्ते में लड़की के मामा सत्ता सिंह सहित कुछ लोगों ने उस पर फावड़े और धारदार हथियारों से हमला करने का प्रयास किया। शिकायतकर्ता के अनुसार वह मौके से भाग निकला, जबकि लवप्रीत सिंह को कथित रूप से बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की गई और उसके हाथ में तमंचा पकड़ाकर वीडियो बनाई गई।
बलजीत सिंह ने दावा किया कि घटना के तुरंत बाद उसने शाम करीब 7:30 बजे डायल-112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी और करीब सात किलोमीटर दूर पुलिस वाहन के पास मौजूद रहा। उसका कहना है कि इस संबंध में कॉल रिकॉर्डिंग और समय से संबंधित साक्ष्य उसके पास हैं। आरोप है कि इसके बावजूद उसकी शिकायत दर्ज नहीं की गई और उसे तथा लवप्रीत सिंह को तमंचे के कथित बरामदगी के मामले में गिरफ्तार कर 27 अगस्त से 3 सितंबर तक जेल भेज दिया गया।
शिकायतकर्ता ने अपने शिकायती पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि स्थानीय पुलिस पर विपक्षी पक्ष का प्रभाव है और इसी कारण उसके खिलाफ कार्रवाई की गई। उसने दावा किया है कि उसके पास कॉल रिकॉर्डिंग, यू-विन पोर्टल का रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं। साथ ही परिवार की जान-माल की सुरक्षा की भी मांग की है।
बलजीत सिंह ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, कथित रूप से गर्भपात कराने के मामले में दोषियों तथा उसे झूठे मुकदमे में फंसाने के आरोपों की जांच कर संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई करने और उसे व उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब 03 वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट एडिटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
