धारूवाला में संत कबीर साहेब की 629वीं जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई
कबीर साहेब के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान, व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर डाला प्रकाश
रामनाथ सिंह
बिजनौर। ग्राम धारूवाला में भुइयार समाज की ओर से संत कबीर साहेब की 629वीं जयंती बड़े हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन गांव स्थित संत कबीर धर्मशाला में किया गया, जहां उपस्थित लोगों ने संत कबीर दास के चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने संत कबीर साहेब के आदर्शों और उनके सामाजिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उनके विचारों को आज के समय में भी प्रासंगिक बताया। भुइयार एजुकेशनल वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष मास्टर राजेंद्र कुमार भुइयार ने कहा कि संत कबीर साहेब के सिद्धांत और शिक्षाएं आज भी समाज को सही दिशा देने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि समाज उनके आदर्शों को अपनाए तो सामाजिक उत्थान और विकास का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।
विशिष्ट अतिथि मास्टर कार्मेंद्र सिंह ने संत कबीर साहेब के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने समाज को पाखंडवाद, अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों से मुक्त करने के लिए आजीवन संघर्ष किया। उनकी वाणी आज भी समाज के लिए आईना है।
ये खबर भी पढ़े : सुरक्षा जांच के बाद निजी अस्पतालों पर प्रशासन की नजर, नोटिस पाने वाले संस्थानों से मांगा गया जवाबसंजीव कुमार भुइयार ने कहा कि देशभर में संत कबीर साहेब की 629वीं जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई जा रही है और विभिन्न स्थानों पर एक माह तक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि उनके आदर्शों को अपनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। वहीं, प्रवक्ता डॉ. संदीप सिंह ने कहा कि संत कबीर साहेब की कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं था। उन्होंने बच्चों को अच्छी शिक्षा ग्रहण करने और समाज में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
डॉ. विजेंद्र सिंह ने कहा कि आज के दिन समाज को शिक्षा के क्षेत्र में संकल्प लेने की आवश्यकता है। उन्होंने समाज में व्याप्त बुराइयों को समाप्त करने और एक-दूसरे की निंदा से बचने की सीख देते हुए कबीर साहेब का प्रसिद्ध दोहा उद्धृत किया—
"निंदक एक हूं मत मिलो, पापी मिलो हजार।
एक निंदक के सीस पर, कोटि पाप का भार।।"
कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी संत कबीर साहेब के दोहों और विचारों को साझा करते हुए बताया कि उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को उन्नति और सद्भाव का मार्ग दिखाती हैं।
इस अवसर पर बादाम सिंह, रामगोपाल सिंह, सुरेश कुमार भुइयार, मनीराम भुइयार, सुदेश कुमार भुइयार, छतरपाल सिंह, विवेक सिंह भुइयार, टीकम सिंह, डॉ. संजीव कुमार, पवन सिंह, राजबहादुर सिंह, अमित कुमार, सुमित कुमार, शगुन कुमार, रोहित कुमार, दीपक सिंह, नेपाल सिंह, दक्ष सिंह, तृषा सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामगोपाल सिंह ने तथा संचालन संजीव कुमार भुइयार ने किया।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
