5,600 किशोरियों को नहीं लगा एचपीवी टीका
— क्वीन मेरी अस्पताल में आयोजित हुआ एचपीवी टीकाकरण
लखनऊ। राजधानी में में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों के लिए तीन माह का विशेष एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाया गया था। इस दौरान कुल 59 हजार किशोरियों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष अब तक 53,400 किशोरियों का टीकाकरण किया जा चुका है। जिसमें 5,600 किशोरियों को एचपीवी टीका नहीं लग पया है। ये जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनबी. सिंह ने दी।
मंगलवार को सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम को लेकर क्वीन मेरी अस्पताल में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों के लिए निशुल्क ह्यूमन पैपिलोमा वायरस ,एचपीवी टीकाकरण शिविर आयोजित किया गया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित शिविर का उद्घाटन प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ.अंजू अग्रवाल ने किया। शिविर में 16 पात्र किशोरियों को एचपीवी का टीका लगाया गया। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा कार्यदिवसों पर पात्र किशोरियों को एचपीवी का टीका लगाया जा रहा है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की पात्र किशोरियों का समय से एचपीवी टीकाकरण अवश्य कराएं। समय पर टीकाकरण भविष्य में एचपीवी संक्रमण और उससे होने वाले सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद करता है।
ये खबर भी पढ़े : कांग्रेस 50 साल में जितने लोगों को आवास नहीं दे पाई, हमने नौ साल में उतने लोगों को दिया : योगी आदित्यनाथ डॉ.अंजू अग्रवाल ने कहा कि एचपीवी टीकाकरण सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम का सुरक्षित और प्रभावी माध्यम है। किशोरावस्था में समय पर टीकाकरण कराने से भविष्य में एचपीवी संक्रमण तथा इससे संबंधित सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है। उन्होंने अभिभावकों से किशोरियों के टीकाकरण के प्रति जागरूक रहने और निर्धारित समय पर टीका लगवाने की अपील की। शिविर में उप जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. विनय कुमार, शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिल्वर जुबली की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रियंका यादव एवं उनकी टीम के साथ क्वीन मेरी अस्पताल के चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहे।
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शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
