भोपाल को मिली अत्याधुनिक ‘अंतरिक्ष अन्वेषण दीर्घा’ की सौगात, आज होगा लोकार्पण
विज्ञान शिक्षा और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने की पहल
- भोपाल के आंचलिक विज्ञान केन्द्र में ‘अंतरिक्ष अन्वेषण दीर्घा’ का उद्घाटन।
- केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे लोकार्पण।
- डिजिटल और इंटरैक्टिव तकनीक के जरिए अंतरिक्ष विज्ञान का अनुभव मिलेगा।
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को अत्याधुनिक ‘अंतरिक्ष अन्वेषण दीर्घा’ की सौगात मिलने जा रही है। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज मंगलवार को दोपहर 5:30 बजे भोपाल के आंचलिक विज्ञान केन्द्र में विकसित इस ‘दीर्घा’ का लोकार्पण करेंगे।
जनसम्पर्क अधिकारी अरूण शर्मा ने बताया कि इस अवसर पर भारत सरकार, मध्यप्र देश शासन, राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद्, जिला प्रशासन भोपाल तथा विभिन्न वैज्ञानिक एवं शैक्षणिक संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद् (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार) की इकाई आंचलिक विज्ञान केन्द्र, भोपाल द्वारा विकसित यह अत्याधुनिक दीर्घा विज्ञान के लोकप्रियकरण, वैज्ञानिक दृष्टिकोण के प्रसार तथा अनुभवात्मक विज्ञान शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका विकास नेहरू साइंस सेंटर, मुंबई के तकनीकी मार्गदर्शन एवं जिला प्रशासन भोपाल के सहयोग से किया गया है।
जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, दीर्घा में आधुनिक डिजिटल तकनीकों, इंटरैक्टिव प्रदर्शों एवं वैज्ञानिक प्रस्तुतियों के माध्यम से आगंतुकों को ब्रह्माण्ड, आधुनिक ब्रह्माण्ड विज्ञान, मानव अंतरिक्ष अन्वेषण तथा भारत की गौरवशाली अंतरिक्ष यात्रा से परिचित कराया जाएगा।
इसमें भारतीय ज्ञान परंपरा के नासदीय सूक्त और शून्य की अवधारणा से लेकर आर्यभट्ट, चंद्रयान-1, मंगलयान, चंद्रयान-3 और गगनयान जैसे भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रमों की उपलब्धियों को आकर्षक एवं वैज्ञानिक ढंग से प्रदर्शित किया गया है।
उन्होंने बताया कि दीर्घा में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) का अनुभव, स्पेस वॉक, स्पेस फ्लाइट सिम्युलेटर, चंद्र एवं मंगल ग्रह की त्रि-आयामी सतहों का अवलोकन, रॉकेट विज्ञान, कक्षीय यांत्रिकी सहित अनेक सहभागितापूर्ण प्रदर्श विकसित किए गए हैं,
जो आगंतुकों को अंतरिक्ष विज्ञान को प्रत्यक्ष रूप से समझने और अनुभव करने का अवसर प्रदान करेंगे। यह अत्याधुनिक दीर्घा विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों, विज्ञान प्रेमियों एवं आम नागरिकों में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी एवं गणित के प्रति रुचि विकसित करने के साथ अनुसंधान, नवाचार एवं वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करेगी।
साथ ही मध्य प्रदेश में विज्ञान आधारित पर्यटन, विज्ञान संचार तथा अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी आधारित नवाचार पारितंत्र को सुदृढ़ बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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लेखक के बारे में
माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।
