रिश्वत के खेल में पकड़ा अफसर बाहर! MCD डिप्टी कमिश्नर को बेल, भ्रष्टाचार पर फिर उठे सवाल”
रिश्वतखोरी के आरोपों में फंसे अधिकारी को कोर्ट ने 25 हजार रुपये के बेल बॉन्ड पर दी राहत, पर सख्त शर्तों के साथ
नीरज अवस्थी
नई दिल्ली। दिल्ली में भ्रष्टाचार के बड़े मामले में गिरफ्तार हुए एमसीडी के डिप्टी कमिश्नर अभिषेक मिश्रा को दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। रिश्वतखोरी के आरोपों में फंसे इस अधिकारी को कोर्ट ने 25 हजार रुपये के बेल बॉन्ड पर राहत तो दे दी, लेकिन सख्त शर्तों के साथ।
कोर्ट ने साफ निर्देश दिया है कि अभिषेक मिश्रा बिना अनुमति देश नहीं छोड़ सकते और उन्हें अपना मोबाइल फोन हर समय चालू रखना होगा, ताकि जांच एजेंसियां उन पर नजर बनाए रख सकें। गौरतलब है कि इस गिरफ्तारी ने एमसीडी के अंदर फैले भ्रष्टाचार की परतें खोल दी थीं। अब जमानत मिलने के बाद एक बार फिर सिस्टम पर सवाल खड़े हो रहे हैं—क्या भ्रष्टाचार में लिप्त अफसरों को इतनी आसानी से राहत मिलनी चाहिए?
ये खबर भी पढ़े : मणिपुर: उग्रवाद पर सख्त कार्रवाई, PLA और NRFM से जुड़े दो उग्रवादी गिरफ्तार, हेरोइन बरामदहालांकि, कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है और जांच एजेंसियां पूरे मामले की तह तक जाने में जुटी हैं। लेकिन इस बेल ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई कितनी सख्त और असरदार है फिलहाल, जमानत मिलना भले ही राहत हो, लेकिन आरोपों का साया अभी भी अभिषेक मिश्रा के सिर से हटा नहीं है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
