'कैश फॉर ट्रांसफर' घोटाले को लेकर भाजपा ने केजरीवाल-मान को घेरा
भाजपा का आरोप: पंजाब में ‘रेट कार्ड’ के आधार पर हुए अधिकारियों के तबादले
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (आआपा) सरकार पर कथित "कैश फॉर ट्रांसफर" घोटाले को लेकर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि पंजाब में अधिकारियों के तबादले कथित तौर पर "रेट कार्ड" के आधार पर किए जा रहे थे।
भाजपा मुख्यालय में बुधवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रवक्ता गौरव भाटिया ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यकाल में ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए कथित तौर पर तय दरें थीं और इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री को जवाब देना चाहिए। गौरव भाटिया ने कहा ईडी की जांच में मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन का नाम सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न विभागों में नियुक्ति और तबादलों के लिए अलग-अलग दरें तय थीं।
उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से सवाल किया कि यदि कोई संज्ञेय अपराध सामने आया है तो अब तक एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई। साफ है इस मामले में बिचौलियों को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली के कथित शराब घोटाले की तरह पंजाब में भी "रेट कार्ड मॉडल" लागू किया गया है।
उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से यह स्पष्ट करने की मांग की कि कथित "कैश फॉर ट्रांसफर" घोटाले का मास्टरमाइंड कौन है और इस मामले में अरविंद केजरीवाल की क्या भूमिका है। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता इन सवालों का जवाब चाहती है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
