'पाकिस्तान की असली समस्या भारत नहीं, फौज और राजनेता
सिंगापुर :सिंगापुर के पूर्व डिप्लोमेट का कहना है कि पाकिस्तान बर्बादी की कगार पर है और इसका संकट उसकी सेना की वजह से है। पाकिस्तान के पास अगर परमाणु बम नहीं होता तो उसकी कोई परवाह नहीं करता। सिंगापुर के पूर्व राजनयिक बिलहारी कौसिकन ने इंटरनेशनल रिपोर्टिंग फ़ेलोशिप में पत्रकारों के साथ हुई एक बैठक में यह बातें कहीं।
'पाकिस्तान की असली समस्या भारत नहीं, अपनी फौज और राजनेता हैं'
यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तानी सरकार बार-बार अपनी भू-राजनीतिक कामयाबियों जैसे कि अमेरिका की रिपब्लिकन पार्टी के साथ करीबी रिश्तों पर गर्व करती रही है, जबकि आम जनता गरीबी और कट्टरपंथ से जूझ रही है। गरीबी से जूझ रहे पाकिस्तान बारे में बात करते हुए कौसिकन ने कहा कि पाकिस्तान की समस्या भारत या अफ़गानिस्तान नहीं, बल्कि उसके अपने राजनेता और सेना हैं।
'अमेरिका की दोस्ती भी पाकिस्तान को बचा नहीं सकती'
अमेरिका-ईरान तनाव के दौरान मध्यस्थता की कोशिशों में पाकिस्तान की भूमिका पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "मैं बहुत साफ-साफ कहूंगा। पाकिस्तान ने कूटनीतिक मौके का फायदा उठाने में बहुत फुर्ती और कामयाबी दिखाई और इससे कम से कम अमेरिका की नजर में पाकिस्तान की कूटनीतिक छवि को सुधारने में कुछ मदद मिली है। लेकिन आप जानते हैं, इससे पाकिस्तान के लोगों का पेट नहीं भरता।" उनका इशारा पाकिस्तान में चल रहे गहरे आर्थिक संकट की ओर था।
बता दें कि कौसिकन एक अनुभवी राजनयिक थे जिन्होंने 2010 से 2013 तक सिंगापुर के विदेश मामलों के स्थायी सचिव और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के एक स्वायत्त संस्थान, 'मिडिल ईस्ट इंस्टीट्यूट' के चेयरमैन के तौर पर काम किया था।
ट्रंप प्रशासन के साथ इस्लामाबाद के रिश्तों पर क्या कहा?
अमेरिका में ट्रंप प्रशासन के साथ इस्लामाबाद के 'कथित' करीबी रिश्तों पर बात करते हुए कौसिकन ने कहा कि वॉशिंगटन के लिए इस्लामाबाद का मूल नज़रिया वैसा ही बना हुआ है। पाकिस्तान को 'बर्बादी की कगार पर खड़ा देश' बताते हुए कहा कि कोई भी कूटनीतिक सफलता इस बुनियादी सच्चाई को नहीं बदल सकती। उन्होंने आगे कहा, ''हालात पूरी तरह बिगड़े नहीं हैं, जिसके लिए हमें शुक्रगुजार होना चाहिए, लेकिन उस कूटनीतिक कामयाबी से बुनियादी सच्चाई नहीं बदलती। मुझे नहीं लगता कि अमेरिका पाकिस्तान पर लगी सभी पाबंदियों को पूरी तरह से हटाएगा।''
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लेखक के बारे में
सुभाष पांडेय एक सीनियर और अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया क्षेत्र में 32 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, संपादन और रिपोर्टिंग के विभिन्न आयामों में कार्य करते हुए पत्रकारिता को मजबूत दिशा दी है।
