पश्चिम बंगाल में केंद्रीय बलों की संख्या में कटौती, 500 में से 150 कंपनियां रहेंगी तैनात
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती में बड़ी कटौती की गई है। राज्य में विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान तैनात किए गए केंद्रीय बलों की संख्या, जो चुनाव के बाद भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 500 कंपनियों के स्तर पर रखी गई थी, अब घटाकर 150 कंपनियां कर दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, राज्य में वर्तमान में शांति और सामान्य कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य पुलिस और प्रशासन को पूर्ण स्वतंत्रता दी है। इसी के मद्देनजर केंद्रीय बलों की संख्या कम करने का फैसला लिया गया।
विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद राज्य सचिवालय नवान्न सहित विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर केंद्रीय बलों की तैनाती की गई थी। उस समय सरकारी दस्तावेजों और अभिलेखों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी के निर्देश भी दिए गए थे। इसके बाद से नवान्न की सुरक्षा का दायित्व भी केंद्रीय बलों के जवानों के पास था।
नवान्न में प्रवेश और निकास के दौरान कर्मचारियों के पहचान पत्रों की जांच तथा बैगों की तलाशी भी केंद्रीय बलों के जवानों द्वारा की जाती थी। हालांकि बुधवार से नवान्न के बाहर तैनात केंद्रीय बलों को हटा लिया गया है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था का नया ढांचा पहले ही तय किया जा चुका है।
उल्लेखनीय है कि इस बार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में संपन्न हुआ था। चुनाव के दौरान अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई थी और कुल 2,407 कंपनियां केंद्रीय बलों की तैनाती की गई थी, जो पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में काफी अधिक थी। चुनाव शांतिपूर्ण और लगभग पूरी तरह हिंसामुक्त रहा।
चुनाव के बाद किसी भी संभावित अशांति को रोकने के उद्देश्य से 500 कंपनियां केंद्रीय बलों को राज्य में बनाए रखा गया था। अब स्थिति सामान्य होने और कानून-व्यवस्था नियंत्रण में रहने के कारण केंद्रीय बलों की संख्या घटाकर 150 कंपनियां कर दी गई है।
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