महिषादल में बढ़ी राजनीतिक हलचल: पंचायत समिति अध्यक्ष के इस्तीफे से सियासी अटकलें तेज
पूर्व मेदिनीपुर। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद स्थानीय निकायों में इस्तीफों का दौर लगातार जारी है। इसी क्रम में तृणमूल नेता शिउली दास ने जिले की महिषादल पंचायत समिति अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए पद छोड़ने का फैसला किया।
सूत्रों के अनुसार, शिउली दास ने बुधवार शाम हल्दिया महकमा शासक के कार्यालय में अपना इस्तीफा सौंपा, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। शिउली दास वर्ष 2013 से लगातार तीन बार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव जीतकर पंचायत समिति से जुड़ी रही हैं और महिषादल पंचायत समिति की अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। उनका कार्यकाल वर्ष 2028 तक रहने वाला था, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने बीच कार्यकाल में पद छोड़ दिया।
महकमा शासक को लिखे पत्र में उन्होंने बताया कि वह लंबे समय से शारीरिक अस्वस्थता और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही हैं। इसी कारण उन्होंने स्वेच्छा से अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी से मुक्त किए जाने का अनुरोध किया।
महिषादल पंचायत समिति की कुल 33 सीटों में से तृणमूल कांग्रेस के पास 23 और भारतीय जनता पार्टी के पास 10 सीटें हैं। आगामी 19 जून को पंचायत समिति की सामान्य सभा प्रस्तावित है। उससे ठीक पहले अध्यक्ष के इस्तीफे ने इलाके में राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है।
पंचायत समिति में विपक्ष के नेता रघुनाथ पांडा ने कहा कि सत्ता परिवर्तन के बावजूद अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों के साथ सभी के अच्छे संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि अचानक इस्तीफे की वजह स्पष्ट नहीं है, लेकिन सभी मिलकर क्षेत्र के विकास के लिए काम करना चाहते हैं।
उल्लेखनीय है कि राज्य में राजनीतिक बदलाव के बाद महिषादल क्षेत्र के पूर्व तृणमूल विधायक तिलक कुमार चक्रवर्ती समेत कई स्थानीय नेताओं की गिरफ्तारी के बाद पहले से ही राजनीतिक हलचल बनी हुई है। ऐसे में पंचायत समिति अध्यक्ष का इस्तीफा नए सियासी संकेतों के तौर पर देखा जा रहा है।
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