नगर निगम के स्कूलों में ‘समर कैंप‘ के नाम पर तप रहे नौनिहाल!
40 से 45 डिग्री के तापमान में भी विद्यालय बुलाएं जा रहे हैं नन्हे मुन्ने बच्चे
अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्ता के मौखिक आदेश का भुगत रहे खामियाजा
- दबे जुबां चर्चा एनजीओ पर लुटाए जा रहे फंड, ग्रीष्मकालीन अवकाश में भी बुलाएं जा रहें शिक्षक
- महापौर बोलीं आपके जरिये मामला संज्ञान में आया दिखवाती हूं, अपर नगर आयुक्त ने नहीं उठाया कॉल
लखनऊ। सीएम योगी व डीएम का आदेश सूबे की राजधानी लखनऊ के नगर निगम में बैठे चंद अफसरों के लिये शायद कोई मायने नहीं रखते। यही वजह है कि पिछले दिनों विवादों का केंद्र बिंदु बने लखनऊ से स्थान वाराणसी को स्थानांतरित अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्ता के तानाशाही वाले रवैये का खामियाजा नगर निगम में संचालित विद्यालयों के नन्हे मुन्ने बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।
तमाम सरकारी आदेशों के बावजूद नगर निगम के छोटे बच्चों के स्कूलों को तपती गर्मी इस मौसम में भी खोला जा रहा है। आलम यह है कि अभी 40 से 45 डिग्री तक के तापमान वाली तपती गर्मी में नगर निगम के मॉडल हाउस स्थित मॉडल मोंटेसरी स्कूल कश्मीरी मोहल्ला स्थित मॉडल मोंटेसरी स्कूल और माल एवं स्थित म्युनिसिपल नर्सरी स्कूल जैसे विद्यालयों में छोटे-छोटे बच्चों को समर कैंप के नाम पर सुबह 8:00 बजे से लेकर दोपहर तक बुलाया जा रहा है। कक्षा नर्सरी से लेकर कक्षा पांचवी तक के नन्हे मुन्ने छात्र-छात्राओं को समर कैंप के नाम पर बुलाया जा रहा है। वहीं नगर निगम प्रशासन से जुड़े सूत्रों की माने तो कि ये सारा खेल केवल और केवल कुछ चुनिंदा अफसरों के कुछ चहेते माने जाने वाले एनजीओ को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। बेहाल गर्मी में 20 में से लेकर 30 जून तक समर कैंप आयोजित कर नगर निगम के इन विद्यालयों में एनजीओ पर लाखों रुपए लुटाने की योजना बाकायदा परवान चढ़ाई जा रही है।
यही नहीं दोपहर को विद्यालय छूटने पर अभिभावकों को भी बच्चों को किसी तपती धूप में लेकर वापस घर लौटना पड़ रहा है। जानकारी के तहत अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्ता को नगर निगम के विद्यालयों का प्रभारी के रूप में कार्यभार सौंपा गया है और इस दौरान उन्होंने अपने स्तर से एक ऐसा मनमाना आदेश जारी किया जिसमें 45 डिग्री तक वाले तापमान के मौसम में भी विद्यालयों में समर कैंप के आयोजन, शिक्षकों को ग्रीष्मकालीन अवकाश पर भी काम पर बुलाना मुख्य रूप से शामिल है।
वहीं मॉडल हाउस स्थित मॉडल मोंटेसरी स्कूल जहां नर्सरी से लेकर कक्षा 5 तक के छोटे-छोटे बच्चे समर कैंप में बुलाये जा रहे हैं वहां पर इन्हीं दिनों तेजी से मरम्मत पर निर्माण का कार्य भी कराया जा रहा है ’ हर और तोड़फोड़ हो रही है। धूल-मिट्टी के बीच बच्चों को बुलाकर समर कैंप के नाम पर 3 या 4 घंटे तक रोका जा रहा ’ ऐसे में यदि स्कूली बच्चों शिक्षकों का कर्मचारियों के साथ किसी प्रकार की दुर्घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी यह बताने वाला नगर निगम में कोई नहीं है।
इस प्रकरण पर जब तरूणमित्र टीम ने उपरोक्त अपर नगर आयुक्त मोबाइल नंबर पर कॉल किया तो वो रिसीव नहीं हुआ तो इसके बाद महापौर सुषमा खर्कवाल से बात की तो उनका कहना रहा कि आपके जरिये यह मामला संज्ञान में आया है, अभी तो लखनऊ से बाहर दौरे पर निकली हूं, पूरे प्रकरण को दिखवाती हूं।
क्या अपर नगर आयुक्त खुद किसी चीज की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहते!
बता दें कि नगर निगम की ओर से संचालित मॉडल मोंटेसरी स्कूल मॉडल हाउस, म्युनिसिपल नर्सरी स्कूल माल एवेन्यू और मॉडल मोंटेसरी स्कूल कश्मीरी मोहल्ला के प्रधानाचार्य व मुख्य अध्यापिकाओं की मानें तो ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान समर कैंप आयोजित करने का आदेश अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्ता की ओर से आया हुआ है।
18 मई 2026 के आदेश में अपर नगर आयुक्त ने कहा कि कहा था कि समर कैंप का आयोजन 21 मई से 20 दिवसों तक के लिए यानी 10 जून तक किया जाए। लेकिन इसके बाद उन्होंने मौखिक रूप से जारी फरमान के रूप में प्रधानाचार्य व मुख्य अध्यापिकाओं से कहा कि समर कैंप को पूरे ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान आगामी 30 जून तक जारी रखा जाए और बच्चों व नगर निगम के स्थाई शिक्षकों को भी ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान स्कूल में बुलाया जाए।
वहीं उक्त विद्यालयों के प्रधानाचार्य व मुख्य अध्यापकों की माने तो अपर नगर आयुक्त खुद किसी चीज की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहते हैं इसी वजह से उन्होंने तमाम आदेश मौखिक रूप से जारी कर रखे हैं। उक्त विद्यालयों की शिक्षकाओं को इस बात पर आपत्ति है कि यदि उन्हें तेज गर्मी वाले ग्रीष्मकालीन अवकाश पर विद्यालय में बुलाया जा रहा है जो नियमावली के मुताबिक उनका अर्जित अवकाश (ईएल) होता है ’ क्या अपर नगर आयुक्त या नगर निगम प्रशासन उन्हें इस अवकाश को किसी अन्य अवकाश में समायोजित करेंगे या फिर इस कार्य की एवज में उन्हें कोई अतिरिक्त वेतन/अवकाश इत्यादि प्रदान किया जाएगा। फिलहाल नगर निगम के विद्यालयों में छोटे-छोटे बच्चों की जिंदगी समर कैंप के नाम पर दांव पर लगा दी गई है।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
