रिश्तों को किया शर्मसार, पैतृक जमीन के लिए बेटे ने पिता को उतरा मौत के घाट
महिंगवा थाना इलाके का मामला ,खेत के लिए विवाद चल रहा था
लखनऊ। महिगवां थाना क्षेत्र के अतरौरा गांव में पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में एक बेटे पर अपने पिता की हत्या का आरोप लगा है। गंभीर रूप से घायल पिता की किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने 3 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, अतरौरा निवासी रामकुमार यादव और उनके बेटे महेंद्र यादव के बीच पैतृक भूमि के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। शुक्रवार को यह विवाद तब बढ़ गया, जब रामकुमार अपने खेत में चरी को ट्रैक्टर से जुतवा रहे थे। इसी बात को लेकर पिता-पुत्र के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। परिजनों के मुताबिक, विवाद के दौरान महेंद्र यादव ने फावड़े से रामकुमार के सिर पर हमला कर दिया।
सिर में गंभीर चोट लगने से रामकुमार लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें लखनऊ के केजीएमयू रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान रामकुमार यादव की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही महिगवां पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार, मृतक के परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। मृतक रामकुमार की बेटी मालती देवी की तहरीर पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पिता के पास तीन बीघे जमीन थी जिसको लेकर अक्सर बड़े बेटे महेंद्र यादव उर्फ विनोद से विवाद हुआ करता था। बड़े बेटे का कहना था कि तीन बीघे जमीन मेरे नाम करो।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
