31 अगस्त तक नदियों में नहीं पकड़ सकेंगे मछली
बस्ती - जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्स्ना ने बताया है कि वर्षा ऋतु में भारतीय मेजर्स कार्प मछलियों कतला, रोहू व नैन तथा विदेशी प्रजाति की मछलियों ग्रास कार्प, सिल्वर कार्प व कामन कार्प मछलिया प्रजनन करती है। इन मछलियों के संवर्धन व संरक्षण हेतु मत्स्य अधिनियम 1948 के प्राविधानों के अन्तर्गत आगामी 15 जुलाई से 30 सितम्बर की अवधि में फ्राई एवं फिंगरलिंग मत्स्य बीज को पकड़ने, नष्ट करने अथवा बेचने तथा 15 जून से 30 जुलाई तक मत्स्य प्रजनन अवधि तथा 01 जून से 31 अगस्त तक नदियों में मत्स्य आखेट को प्रतिबंध कर उक्त प्राविधान शामिल किए गये है। उन्होने समस्त उप जिलाधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि उक्त अवधि में नदियों से मछली एवं मत्स्य बीज की शिकारमाही की जॉच हेतु राजस्व, पुलिस व मत्स्य विभाग की टीम अधिकृत करते हुए निगरानी रखी जाय, जो भी व्यक्ति नदियों में मत्स्य बीज मछली अवैधानिक शिकार/ब्रिकी करते हुए पकड़ा जायेंगा, तो उसके विरूद्ध फिशरीज एक्ट 1948 के अन्तर्गत कार्यवाही की जायेंगी।
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पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले सर्वेश श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में ‘तरुणमित्र’ के ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज उनके काम की पहचान है।
