लखनऊ। एक करोड़ 67 लाख 77 हजार 904 रुपये की जीएसटी चोरी के मामले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन की मेरठ सेक्टर टीम ने लंबे समय से वांछित चल रहे अभियुक्त जुल्फकार को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त भोजपुर थाना क्षेत्र के मोहल्ला हरबोला वाला का रहने वाला है। उसे 22 सितंबर 2026 को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया गया। मामला वर्ष 2021 में सामने आया था।
जीएसटी के विभागीय पोर्टल पर जीएस इंटरनेशनल नाम से एक फर्म का पंजीकरण आयरन और स्टील की खरीद-बिक्री के कारोबार के लिए कराया गया था। फर्म की स्वामिनी के रूप में दिल्ली निवासी पूनम पुत्री तिलकराज का नाम दर्ज था। फर्म का पता मोहल्ला नवपुर, वाटर टैंक के पास, भोजपुर, स्टेशन रोड, मुरादाबाद दर्ज कराया गया था। चार जून 2021 को विशेष अनुसंधान शाखा, जीएसटी, मुरादाबाद की टीम ने फर्म के घोषित व्यापार स्थल की जांच की। जांच के दौरान मौके पर जीएस इंटरनेशनल नाम से कोई फर्म संचालित नहीं मिली। न ही बताए गए पते से किसी तरह का कारोबार किया जाना पाया गया।
जांच के बाद भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार को एक करोड़ 67 लाख 77 हजार 904 रुपये की जीएसटी चोरी का मामला सामने आया। इस संबंध में तत्कालीन वाणिज्य कर अधिकारी दीपक मेहरोत्रा की तहरीर पर भोजपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमे में जालसाजी, धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल करने और आपराधिक षड्यंत्र समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन की विवेचना में जुल्फकार की भूमिका भी सामने आई।
जांच के अनुसार, जुल्फकार ने अन्य सहअभियुक्तों के साथ मिलकर भोजपुर क्षेत्र में स्थित विभिन्न फर्मों के लिए जीशान और मोहम्मद कलीम से सस्ते बैटरी का सीसा खरीदवाया। आरोप है कि इस खरीद-बिक्री से संबंधित बिल संबंधित फर्मों को उपलब्ध कराए जाते थे और इसके बदले कमीशन लिया जाता था। विवेचना के दौरान जुल्फकार को इस मामले में वांछित अभियुक्त बनाया गया था।
आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन, उत्तर प्रदेश मुख्यालय लखनऊ की ओर से वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मेरठ सेक्टर की टीम ने कार्रवाई की। इसी अभियान में जुल्फकार को 22 सितंबर को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया गया। आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन की ओर से मामले की विवेचना आगे भी जारी है।