लखीमपुर-खीरी,22 सितंबर(तरुणमित्र)। गन्ने के खेतों में किसानों की मेहनत और मिल प्रबंधन के प्रयासों ने बेलरायां को राष्ट्रीय पहचान दिलाई है। सरजू सहकारी चीनी मिल लिमिटेड, बेलरायां ने गन्ना विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार हासिल किया है। इससे किसानों, मिल अधिकारियों और कर्मचारियों में खुशी की लहर है।
नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज लिमिटेड (NFCSF), नई दिल्ली की ओर से वर्ष 2024-25 के लिए मिल को ‘बेस्ट केन डेवलपमेंट अवॉर्ड’ की अन्य चीनी रिकवरी जोन श्रेणी में प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। 22 सितंबर को आयोजित समारोह में चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक राजेश कुमार ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के हाथों यह सम्मान प्राप्त किया।
गन्ना विकास के प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान
चीनी मिल ने गन्ना विकास, किसानों के साथ बेहतर समन्वय और उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में किए गए कार्यों के बल पर यह उपलब्धि हासिल की। इसके साथ ही मिल को टेक्निकल एफिशिएंसी के क्षेत्र में भी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा सम्मानित किया गया।
किसानों की मेहनत बनी उपलब्धि की ताकत
राष्ट्रीय स्तर पर दोहरी उपलब्धि मिलने से बेलरायां क्षेत्र के गन्ना किसानों में उत्साह है। मिल प्रबंधन के अनुसार किसानों के साथ निरंतर समन्वय, गन्ना विकास की गतिविधियों और तकनीकी दक्षता बढ़ाने के प्रयासों ने इस उपलब्धि में अहम भूमिका निभाई है। किसानों और मिल कर्मचारियों ने इसे पूरे क्षेत्र की साझा उपलब्धि बताया।
बेलरायां से राष्ट्रीय मंच तक पहुंची गन्ने की मिठास
सरजू सहकारी चीनी मिल का राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार हासिल करना केवल मिल की उपलब्धि नहीं, बल्कि बेलरायां और लखीमपुर खीरी के गन्ना किसानों के लिए भी गौरव का क्षण है। खेतों से शुरू हुई मेहनत अब राष्ट्रीय मंच पर सम्मान में बदल गई है।