फायर एनओसी अनिवार्य करने पर व्यापारियों ने जताई चिंता, प्रतिष्ठानों पर बंदी का संकट
गैर-आवासीय भवनों के लिए फायर एनओसी अनिवार्य करने का फैसला अव्यवहारिक: व्यापार मंडल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ अग्रवाल एवं महामंत्री योगेंद्र सिंह ने एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार द्वारा अलीगंज अग्निकांड को ध्यान में रखते हुए गैर-आवासीय भवनों के लिए फायर एनओसी अनिवार्य किए जाने के फैसले को अव्यवहारिक बताया है।
व्यापारियों का कहना है कि इस आदेश को वर्तमान स्वरूप में लागू करने से शहर के हजारों व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर बंदी का संकट खड़ा हो सकता है। अध्यक्ष अमरनाथ अग्रवाल ने कहा कि हम किसी प्रकार की लापरवाही का समर्थन नहीं करते, लेकिन किसी एक घटना के बाद सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर एक समान कठोर नियम लागू करना उचित नहीं है।
क्योंकि पुराने बाजारों में कई प्रतिष्ठान दशकों पुराने हैं उनकी संरचना में वर्तमान मानकों के अनुरूप बड़े तकनीकी बदलाव करना व्यावहारिक रूप से सम्भव नहीं है। महामंत्री योगेंद्र सिंह ने अग्निशमन विभाग से व्यापारियों के बीच जागरूकता अभियान चलाने की मांग की।
क्योंकि अधिकांश भवनों में ऑटोमेटिक सेंसर दरवाजे होने से लॉक हो जाते है जो अग्निकांड जैसी स्थितियों में खुल नहीं पाते हैं तथा खिड़कियों दरवाजों, सीढ़ियों व निकास व्यवस्था की तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि आपदा की स्थिति में लोग सुरक्षित बाहर निकल सकें। इसके अलावा फायर एनओसी की प्रक्रिया को सरल बनाने तथा छोटे व्यापारियों एवं पुराने प्रतिष्ठानों को ध्यान में रखकर राहत देने की मांग की।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
