कोविड-19 के दौरान 108 बच्चों का सहारा बनी जिला बाल संरक्षण इकाई
बदायूँ। प्रदेश में कोविड-19 महामारी के कारण अनाथ हुए बच्चों के उनके भरण पोषण, शिक्षा, चिकित्सा आदि की व्यवस्था हेतु आर्थिक सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से महिला कल्याण विभाग के अन्तर्गत जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा उ.प्र. मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना कोविड का प्रारम्भ किया गया था, जिसके अन्तर्गत 135 बच्चों को जिनकी उम्र 0 से 18 वर्ष तथा जिनके माता या पिता अथवा दोनों की मृत्यु कोविड-19 के संक्रमण से हो गई थी। ऐसे बच्चों को रुपए 4000 प्रति माह दिया जाता है। ऐसे बच्चे जो पूर्णतया अनाथ हो गए हो एवं बाल कल्याण समिति के आदेश से विभाग के अंतर्गत संचालित बाल्य देखभाल संस्थाओं में आवासित कराया गया।
11 से 18 तक की आयु के बच्चों की शिक्षा-12 तक की निः शुल्क शिक्षा हेतु अटल आवासीय विद्यालयों तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में प्रवेश कराया गया तथा उपरोक्त श्रेणी के अन्तर्गत आने वाले 52 लाभा छात्र छात्राओं को कक्षा 9 या इससे ऊपर की कक्षा में अथवा व्यवसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे 18 वर्ष तक के बच्चों को टेबल लैंप की सुविधा विभाग द्वारा उपलब्ध गई है। योजना के अन्तर्गत बालक बालिकाओं के लालन पालन स्वास्थ्य व शिक्षा को वेहतर बनाये जाने हेतु योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। महिला कल्याण विभाग द्वारा जनपद की त्रैमासिक बैठक में जनपद बदायूँ के विभिन्न क्षेत्रों मे योजना का लाभ प्राप्त कर रहे लाभार्थियो का फॉलोअप जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा किया जाता है तथा बच्चों की काउन्सलिंग कर बेहतर की जॉनकारी प्रदान की जा रही है, जिससे कारण जनपद के बहुत से लाभार्थियों द्वारा अलग.अलग राज्यों में विभिन्न विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही है।
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पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले शारिक नसीर वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के बदायूं ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज के साथ वह लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
