जब अपनों का साया छूट गया... तब पुलिस बनी अपनापन, विश्वास और सहारे की छांव"
संत कबीर नगर, पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना* के निर्देशन में जनपद पुलिस द्वारा कानून-व्यवस्था के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
इसी क्रम में थाना महुली क्षेत्र के ग्राम कलान में चार मासूम बच्चों की अत्यंत मार्मिक स्थिति प्रकाश में आई, जिनके सिर से माता-पिता दोनों का साया उठ चुका है। जीवन की विषम परिस्थितियों में ये बच्चे असहाय होकर अपने भविष्य को संवारने के लिए संघर्षरत हैं।
इन बच्चों की पीड़ा को समझते हुए ग्राम के सामाजिक एवं प्रतिष्ठित नागरिकों ने आगे बढ़कर उनके रहने, भोजन एवं देखभाल की व्यवस्था कर मानवता और सामाजिक उत्तरदायित्व का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।
आज थाना महुली पुलिस टीम ने बच्चों से आत्मीय मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उन्हें यह भरोसा दिलाया कि वे स्वयं को कभी अकेला न समझें। संतकबीरनगर पुलिस हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है और उनकी सुरक्षा एवं सहायता के लिए सदैव तत्पर रहेगी।
थानाध्यक्ष महुली ने बच्चों से स्नेहपूर्वक बातचीत कर उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा अपना मोबाइल नंबर उपलब्ध कराते हुए कहा कि किसी भी समय किसी प्रकार की समस्या या आवश्यकता होने पर वे अथवा उनके संरक्षक तत्काल थाना महुली पुलिस से संपर्क करें। पुलिस द्वारा हरसंभव सहायता एवं सुरक्षा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया।
इस अवसर पर गांव के सम्मानित नागरिकों एवं आसपास के लोगों से भी अपील की गई कि वे इन बच्चों को अपने परिवार का सदस्य मानते हुए उनकी शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखें तथा किसी भी प्रकार की समस्या या संदिग्ध स्थिति की सूचना तत्काल थाना महुली पुलिस को दें।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में पाँच वर्षों का अनुभव रखने वाले दयानिधि त्रिपाठी वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के संत कबीर नगर ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज के साथ वह लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
