'यह एक कलंक है... हम सब खुद को बहुत छोटा महसूस कर रहे हैं', अयोध्या में बोले राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा
अयोध्या: राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने राम मंदिर में दान राशि के कथित गबन और चोरी के मामले को लेकर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि यह घटना केवल मंदिर ही नहीं, बल्कि सभी श्रद्धालुओं के लिए "शर्म की बात" है और इससे "हम सब खुद को बहुत छोटा महसूस कर रहे हैं।"
मासिक निर्माण समिति की बैठक के दूसरे दिन मीडिया से बातचीत में मिश्रा ने कहा कि मंदिर में ऐसी घटना होना एक "कलंक" है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
'यह प्रबंधन का मामला है, व्यवस्था में सुधार होगा'
नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि मंदिर के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि भी इस घटना को कलंक बता चुके हैं। उन्होंने कहा, "यह प्रबंधन का मामला है। मुझे पूरा विश्वास है कि व्यवस्था में सुधार होगा और ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी।"
CEO चयन पर क्या बोले?
मंदिर प्रबंधन के लिए अलग मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किए जाने के सवाल पर मिश्रा ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत सुझाव नहीं था। उन्होंने बताया कि एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति CEO के चयन की प्रक्रिया देख रही है।
गौरतलब है कि इससे पहले मिश्रा ने मंदिर प्रबंधन को और पेशेवर बनाने के लिए अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी को CEO नियुक्त करने और पूरे मामले की विस्तृत जांच की आवश्यकता बताई थी।
30 जुलाई तक पूरा होगा मंदिर निर्माण
निर्माण कार्य की समीक्षा के लिए अयोध्या पहुंचे नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि राम मंदिर का मुख्य निर्माण कार्य 30 जुलाई तक पूरा होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि अस्थायी रामलला मंदिर की स्मृति में बनने वाला स्मारक, अखंड ज्योति की व्यवस्था और दूसरा स्मारक भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि चार किलोमीटर लंबी परकोटा (बाउंड्री वॉल), ऑडिटोरियम और राम कथा संग्रहालय का काम वर्ष के अंत तक जारी रहेगा।
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गर्गी विश्वकर्मा वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़ी हैं और डिजिटल डिप्टी चीफ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। वह डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्पष्ट, तथ्यपरक और पाठक-केंद्रित कंटेंट तैयार करती हैं।
