जिसे गांव ने चुना प्रधान, नयी वोटर लिस्ट से उसका ही नाम गायब
मीरजापु । उत्तर प्रदेश के जनपद मीरजापुर में पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच राजगढ़ विकास खंड की एक ग्राम पंचायत में अजीबोगरीब मामला सामने आया है। जिस ग्राम पंचायत के प्रधान मतदाता सूची की शुद्धता पर नजर रखने की बात करते हैं, उसी पंचायत के वर्तमान प्रधान और उनकी पत्नी का नाम ही अंतिम मतदाता सूची से गायब हो गया। मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
राजगढ़ विकास खंड के दारानगर ग्राम पंचायत के प्रधान सोनू कुमार ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2026 में प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची से उनका और उनकी पत्नी गीता देवी का नाम हटा दिया गया है। उनका कहना है कि पुनरीक्षण के दौरान जारी मतदाता सूची में दोनों के नाम दर्ज थे, लेकिन 10 जून को प्रकाशित अंतिम सूची में दोनों के नाम नहीं मिले।
प्रधान सोनू कुमार ने बताया कि जब वह शिकायत लेकर मड़िहान तहसील स्थित निर्वाचन कार्यालय पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि अब नाम जोड़ना संभव नहीं है। इससे वह निराश होकर लौट आए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी लोगों के प्रभाव में आकर बीएलओ ने पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करते हुए उनका नाम सूची से हटा दिया।
प्रधान ने यह भी आरोप लगाया कि मतदाता सूची तैयार करने में भारी अनियमितता बरती गई है। उनके अनुसार गांव के कुछ लोगों के नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं, जबकि पात्र मतदाताओं के नाम सूची से गायब कर दिए गए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी पवन कुमार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा अपना और अपनी पत्नी का नाम मतदाता सूची में शामिल कराने की मांग की है। वहीं, मामले को लेकर ग्रामीणों में भी तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों का कहना है कि जब ग्राम प्रधान का ही नाम मतदाता सूची से गायब हो सकता है, तो आम मतदाताओं की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
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लेखक के बारे में
सुधा जायसवाल ने मास कम्युनिकेशन एवं पत्रकारिता (MJMC) में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की है और पत्रकारिता क्षेत्र में 12 वर्षों से सक्रिय हैं। वह अमर उजाला, स्वतंत्र भारत, जनसंदेश टाइम्स और तरुण मित्र जैसे संस्थानों में कार्य कर चुकी हैं। राजनीतिक, शिक्षा और नगर निगम सहित विभिन्न बीट्स पर रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाली सुधा वर्तमान में तरुण मित्र के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ी हुई हैं।
