विश्व आदिवासी दिवस पर निकली शोभा यात्रा, सौंपा ज्ञापन
महारानी दुर्गावती, भगवान विरसा मुण्डा की प्रतिमा स्थापित कराये जाने की मांग
बस्ती - विश्व आदिवासी दिवस पर एपीएनपीजी कालेज परिसर से जिलाधिकारी कार्यालय तक रविवार को शोभा यात्रा निकाली गई। इसके बाद जिलाधिकारी को सम्बोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी सदर को देकर समस्याओं के निस्तारण की मांग किया गया। ज्ञापन में मांग किया गया है कि बस्ती मण्डल मुख्यालय पर महारानी दुर्गावती, भगवान विरसा मुण्डा की प्रतिमा स्थापित कराये जाने, शासनादेश के अनुरूप अनुसूचित जन जाति का प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने, आदिवासी संस्कृति के विस्तार हेतु आदिवासी गीतों एवं नाट्य, गोण्डवाना नृत्य का आयोजन सरकारी स्तर पर कराये जाने आदि की मांग शामिल है। विश्व आदिवासी दिवस पर निकले शोभा यात्रा में तीर धनुष के साथ आदिवसी भेषभूषा में नृत्य आकर्षण का केन्द्र रहा।
कार्यक्रम संयोजक गुड्डू कुमार गोंड और प्रमोद गोेंड, अमित गोंड ने ज्ञापन देेने के बाद कहा कि आदिवासी जमीन के लिए आज भी संघर्ष कर रहा है, विकास के नाम पर आदिवासियों की जमीन छीनी जा रही है, साथ ही गैरकानूनी तरीके से भी उनके जमीन पर कब्जा हो रहा है. सच्चाई यह है कि अगर जमीन नहीं होगी, तो आदिवासी नहीं रहेगा और ना ही उनकी सभ्यता और संस्कृति रहेगी। कहा कि आदिवासी आबादी के अधिकारों को बढ़ावा देने और उनकी सुरक्षा के लिए प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को विश्व के आदिवासी लोगों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है। यह घटना उन उपलब्धियों और योगदानों को भी स्वीकार करती है जो आदिवासी लोग पर्यावरण संरक्षण जैसे विश्व के मुद्दों को बेहतर बनाने के लिए करते हैं। यह पहली बार संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा दिसंबर 1994 में घोषित किया गया था।वरिष्ठ समाजसेवी राजेन्द्र प्रसाद गोंड ने कहा कि आदिवासी समाज के अधिकार, जल, जंगल, जमीन की रक्षा होने के साथ ही उन्हें केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले इस दिशा में संघर्ष जारी रहेगा।
शोभा यात्रा और ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से अरूण गोंड, दयाराम गोंड, गोंड महेश चन्द्रबंशी, शुभम गोंड, प्र्रमेश गोंड, आशुतोष गोंड, विजय कुमार, अजय कुमार, जैस, सोनू, दिव्यांश, विकास गोंड, सालिकराम गोंड, सचिन गोंड, सालिकराम गोंड, अजय गोंड, दुर्गेश कुमार गोंड, सूरज गोंड, राजन गोंड, अंश धूरिया, अजय गोंड, आदित्य धुरिया, श्रीयांश , रंजना, सुनील आकाश, अंशिका, पायल, सुमन के साथ ही बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित रहे।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले सर्वेश श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में ‘तरुणमित्र’ के ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज उनके काम की पहचान है।
