मीटिंग' महज़ एक औपचारिकता,'चीटिंग' से होगा बेड़ा पार
प्रतापगढ़। शासन या प्रशासन में रहकर मीटिंग जरूरी है लेकिन अधिकारियों के लिए चीटिंग जरूरत बन गई है। हकीकत यह है कि यदि वरिष्ठ अधिकारी मातहतों की मीटिंग लेते हैं तो हर बिंदु पर गंभीरता से विचार हो, अनुश्रवण हो और नियत समय में निर्देशों का अनुपालन हो जाए तो मीटिंग सार्थक कही जाती है तब चीटिंग की गुंजाइश नहीं रहती परंतु काम चलाऊ मीटिंग होने पर चीटिंग अपनी जगह बना लेती है और दिया गया निर्देश हवा-हवाई हो जाता है।
बात की जाए तो प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में 25 मार्च को जनपद में ग्रीष्म ऋतु में मद्देनजर एक महत्वपूर्ण बैठक विकास भवन सभागार में संपन्न हुई जिसमें प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी ने पेयजल आपूर्ति, हीटवेव्स से बचाव और जन सुविधाओं के मद्देनजर जिला पंचायत राज अधिकारी और नगर पालिका बेल्हा के अधिशासी अधिकारी को पोखरों, तालाबों ,अमृत सरोवरों को पानी से भरने, खराब पड़े इंडियामार्का-2 हैंड पंप की मरम्मत और रीबोरिंग करने, वाटर कूलर को चालू हालत में करने हेतु निर्देशित करते हुए 7 दिनों के अंदर कार्य पूर्ण कर लेने को कहा लेकिन प्रभारी सीडीओ ने अधीनस्थों से यह जानकारी नहीं ली कि जनपद में कितने तालाब, पोखरे और अमृत सरोवर हैं।इंडियामार्का 2 के कितने हैंडपंप हैं जिसमें कितने चालू हालत में है और कितनों की रीबोरिंग या मरम्मत कराई जानी है। मतलब यह हुआ कि आया राम, गया राम। मीटिंग होने थी, हो गई।
मार्च में ही गर्मी चरम पर पहुंच गई ,अभी अप्रैल से जून तक का महीना शेष है। ग्रामीण अंचलों से शहर में आए हुए ग्रामीणवासी मज़बूरी में दुकानों से पानी का बोतल खरीद कर अपनी प्यास बुझाते हैं जबकि शहर में अनेकों इंडिया मार्का-2 हैंडपंप गत वर्ष से ही शोपीस बनकर खड़े हैं। ज्ञातव्य है कि विगत वर्ष नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी एक से तीन हैंडपंप मरम्मत करवा कर तीन लाइन का प्रेस विज्ञप्ति प्रकाशनार्थ जारी कर अपनी पीठ ख़ुद ही थपथपा लेते रहे। प्रेस विज्ञप्ति की खासियत यह थी कि हैंडपंप के मरम्मत कराने का कार्य स्थल का ज़िक्र तक न करना उनकी कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह है अथवा यहां के उच्चाधिकारियों और जनमानस को गुमराह करने की प्रवृत्ति सी बन गई हो।
दरअसल, नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी को हर साल के फरवरी माह तक खराब पड़े हैंडपंप या वाटर कूलर चालू की हालत में कर देना चाहिए ताकि जनपदवासियों ख़ासकर राहगीरों को गर्मी से राहत मिल सके और अपनी प्यास बुझा सकें।
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लेखक के बारे में
ब्रजेश त्रिपाठी को पत्रकारिता क्षेत्र में 35 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन और संपादन के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया है। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ में उप्र के प्रतापगढ़ जनपद के व्यूरो प्रमुख के पद पर कार्यरत हैं।
