दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा प्रशासन, डीएम-एसपी ने परिजनों से मिलकर बंधाया ढांढस
पोस्टमार्टम हाउस और पंसौर गांव पहुंचे अधिकारी, बोले—हमें अपना भाई समझें, किसी भी परेशानी पर तत्काल बताएं; मृतकों के स्वजन को आठ लाख और घायलों को एक लाख रुपये की सहायता
कौशाम्बी। जिले के पिपरी थाना क्षेत्र में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट से हुई जनहानि के बाद जिला प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है। मंगलवार को जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल और पुलिस अधीक्षक सत्य नारायण ने पोस्टमार्टम हाउस तथा ग्राम पंसौर पहुंचकर हादसे में दिवंगत हुए लोगों के स्वजन से मुलाकात की। अधिकारियों ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
डीएम और एसपी ने परिजनों से बेहद आत्मीयता के साथ बातचीत की। उन्होंने कहा कि यह परिवारों के लिए बेहद कठिन समय है। प्रशासन इस दुख की घड़ी में उनके साथ है। उन्होंने परिजनों से कहा कि वे उन्हें अपना भाई समझें और किसी भी तरह की समस्या या जरूरत होने पर तत्काल अवगत कराएं। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि पीड़ित परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और शासन की ओर से मिलने वाली सहायता समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाएगी।
मृतकों के स्वजन को आठ लाख, घायलों को एक लाख की मदद
जिला प्रशासन के मुताबिक हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजन को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं दैवी आपदा मद के अंतर्गत कुल आठ लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। वहीं प्रत्येक घायल को एक लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। इसके अलावा पात्र प्रभावित परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, ताकि हादसे से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत के साथ भविष्य में भी सहारा मिल सके।
दोषियों पर कार्रवाई, छह अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा
मुख्यमंत्री के निर्देश पर हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई भी जारी है। पुलिस ने छह अभियुक्तों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया है। मामले में आरोपितों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हादसे के बाद प्रशासन की प्राथमिकता जहां घायलों को बेहतर उपचार और पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाना है, वहीं घटना के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई सुनिश्चित करना भी है। अधिकारियों की परिजनों से मुलाकात ने यह संदेश दिया कि त्रासदी की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
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लेखक के बारे में
पिछले छह वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय रोहित तिवारी कौशांबी में आधारित हैं और क्षेत्रीय मुद्दों की कवरेज में लगातार कार्य कर रहे हैं। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं।
