देर रात ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का आतंक, हाईवे पर बढ़ा हादसों का खतरा
रामनाथ सिंह
बिजनौर। बरूकी क्षेत्र में रात के अंधेरे में तेज रफ्तार से दौड़ती ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां राहगीरों और दैनिक यात्रियों के लिए खतरा बनती जा रही हैं। आरोप है कि अवैध लकड़ी कटान का खेल वन विभाग और पुलिस प्रशासन की कथित मिलीभगत से बेखौफ जारी है, जिसके चलते पानीपत-खटीमा नेशनल हाईवे पर लगातार दुर्घटनाओं का सिलसिला बढ़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, अवैध कटान की लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां रात के समय हाईवे पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरती हैं। ओवरलोड होने के कारण इन वाहनों का संतुलन बिगड़ने का खतरा बना रहता है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों ने बताया कि करीब तीन माह पूर्व नेशनल हाईवे निर्माण कंपनी के पास सहारनपुर के दो युवकों की ऐसी ही एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में अक्सर हेडलाइट की रोशनी भी पर्याप्त नहीं होती और पावर ब्रेक जैसी सुरक्षा व्यवस्था का अभाव रहता है। ऐसे में रात के समय तेज रफ्तार में इनका संचालन अन्य वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। दैनिक यात्रियों और स्थानीय लोगों ने वन विभाग व पुलिस प्रशासन से मांग की है कि अवैध लकड़ी कटान और ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की तेज रफ्तार पर तत्काल रोक लगाई जाए, ताकि भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
