कार्यकाल बढ़ाने पर स्वामी प्रसाद ने जतायी आपत्ति
लखनऊ। पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य अपने बयानों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। जिसका उन्हें कभी कभी खामियाजा भी भुगतना पड़ता है। बयसपा, सपा एवं भाजपा में अपना कैरियर सवार चुके स्वामी प्रसाद इन दिनों अपने पार्टी का संचालन कर रहे हैं।
इस बार उन्होंने प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल एवं किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविघालय की कुलपति प्रो सोनिया नित्यानंद के कार्यकाल को लेकर सवाल उठाते हुए भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आम तौर पर राज्यपाल का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है। लेकिन युपी में 5 वर्ष पूरे होने के बाद भी 7 वर्ष तक पद पर बने रहना एक गंभीर संवैधानिक सवाल खड़े करता है। राज्यपाल का कार्यकाल बढ़ाने या पुनर्नियुक्ति का कोई स्पष्ट आदेश नहीं केन्द्र सरकार एवं राष्ट्रपति द्वारा अब तक नहीं दिया गया है। ऐसे में इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए कि किस आदेश के तहत राज्यपाल यूपी में सात सालों से सेवारत है। जबकि पूर्व में राज्यपालों का कार्यकाल पांच साल ही रहा। इसी तरह उन्होंने किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविघालय की कुलपति प्रो सोनिया नित्यानंद के सेवा विस्तार पर भी सवाल खड़े किये है।
उन्होंने कहा कि सोनिया नित्यानंद पर कुलपति रहते हुए भ्रष्टाचार और आरक्षण नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाया जा चुका है। ऐसे में इनकी पुन: नियुक्ति भी सवालों के घेरे में है। जबकि केजीएमयू में कई वरिष्ठ प्रोफेसर अपनी पारी का इंतजार कर रहे है। उन्होंने कहा कि जब नियुक्तियों में नियम और संविधान का पालन नहीं होगा, तो समाज को बराबरी का प्रतिनिधित्व और न्याय कैसे मिलेगा।
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लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
