केजीएमयू: इंटर्नशिप स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर किया प्रदर्शन
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय,केजीएमयू के लगभग चार सौ से अधिक मेडिकल इंटर्न्स एवं छात्रों ने इंटर्नशिप स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान वर्तमान बारह हजार प्रति माह के इंटर्नशिप स्टाइपेंड को बढ़ाकर तीस हजार प्रतिमाह करने की मांग उठाई गई। इस प्रदर्शन का नेतृत्व प्रोफेसरों द्वारा किया गया और केजीएमयू के कुलपति का भी समर्थन प्राप्त रहा। बड़ी संख्या में इंटर्न्स और छात्रों ने एकजुट होकर उचित एवं संशोधित स्टाइपेंड की अपनी मांग को मजबूती से उठाया। प्रदर्शन की प्रमुख मांग है कि उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस इंटर्नशिप स्टाइपेंड को बढ़ाकर तीस हजार प्रति माह किया जाए, ताकि इसे देशभर के सरकारी चिकित्सा संस्थानों में दिए जा रहे इंटर्नशिप स्टाइपेंड के मानकों के करीब लाया जा सके। छात्रों ने देशभर में इंटर्नशिप स्टाइपेंड में मौजूद असमानता पर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश में एमबीबीएस इंटर्न्स को मिलने वाला स्टाइपेंड देश के अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है और यह भारत में सबसे कम स्टाइपेंड में से एक है। इंटर्न्स ने संबंधित अधिकारियों से तीस हजार प्रति माह स्टाइपेंड किए जाने की प्रक्रिया में तत्काल कदम उठाने की अपील की, ताकि अन्य प्रमुख चिकित्सा संस्थानों एवं राज्यों के साथ स्टाइपेंड में अधिक समानता स्थापित हो सके। कुलपति ने इंटर्न्स मांगों को लेकर आश्वासन दिया कि वे इस विषय को मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगी।
यह प्रदर्शन केजीएमयू के इंटर्न्स एवं छात्रों की न्यायसंगत स्टाइपेंड की सामूहिक मांग को दर्शाता है। छात्रों का कहना है कि इंटर्न्स द्वारा किए जाने वाले महत्वपूर्ण क्लिनिकल कार्य, लंबे कार्य घंटे और मरीजों के प्रति जिम्मेदारियों को देखते हुए उन्हें उचित एवं सम्मानजनक स्टाइपेंड मिलना चाहिए।
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शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
