— दस विद्यार्थियों ने प्रस्तुत की राग बिहाग में छोटा ख्याल
लखनऊ। भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय में सोमवार को विश्वविद्यालय के संस्थापक सदस्य, आधुनिक भारत में हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत के पुनर्जागरण के अग्रदूत एवं महान संगीत मनीषी पंडित विष्णु नारायण भातखण्डे की जयंती मनाई गई। यह आयोजन भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा के प्रति श्रद्धा, सम्मान एवं समर्पण का जीवंत प्रतीक बनकर उभरा। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मांडवी सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने विविध सांस्कृतिक एवं शैक्षिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। छ: विद्यार्थियों द्वारा राग जौनपुरी में बड़ा ख्याल एवं छोटा ख्याल की प्रस्तुति दी गई। तत्पश्चात अभिषेक त्रिपाठी के निर्देशन में दस विद्यार्थियों द्वारा राग बिहाग में छोटा ख्याल प्रस्तुत किया गया, जिसके बोल “ नमो नमो श्री चतुर चरण नित ” ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। यह बंदिश पंडित श्रीकृष्ण नारायण रातंजनकर द्वारा पंडित भातखंडे जी की प्रशंसा में रचित किया गया था। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.मांडवी सिंह ने पंडित भातखंडे के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत को वैज्ञानिक एवं संरचित स्वरूप प्रदान कर उसे संस्थागत शिक्षण प्रणाली की आधारशिला रखी।
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।