जातिसूचक टिप्पणियों पर सुभासपा का तीखा हमला, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
2027 में मिलेगा जवाब
मऊ। राजभर, दलित और अति पिछड़े समाज के सम्मान का मुद्दा उठाते हुए सुभासपा ने समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं पर अभद्र टिप्पणियों और जमीन कब्जाने के आरोप लगाए, दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग।
उत्तर प्रदेश की मऊ में भारतीय सुहेलदेव समाज पार्टी (सुभासपा) ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं पर पिछड़े, अति पिछड़े, दलित और अति दलित समाज के खिलाफ कथित जातिसूचक एवं आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया। पार्टी ने मांग की कि ऐसे मामलों में तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि प्रदेश में सामाजिक सौहार्द बना रहे और किसी भी वर्ग के सम्मान के साथ खिलवाड़ न हो।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं ने सार्वजनिक मंचों और मीडिया के माध्यम से राजभर और चमार जैसे जातिसूचक शब्दों का अपमानजनक संदर्भ में प्रयोग किया। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि पार्टी के कुछ नेताओं द्वारा गरीबों की जमीन कब्जाने और कमजोर वर्गों के साथ अन्याय किए जाने की घटनाएं सामने आई हैं।
सुभासपा ने अपने ज्ञापन में कहा कि इससे पहले भी समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की ओर से कथित रूप से गरीब और पिछड़े समाज के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। पार्टी का कहना है कि ऐसी टिप्पणियां सामाजिक वैमनस्य बढ़ाने का काम करती हैं और प्रदेश की कानून-व्यवस्था तथा सामाजिक सौहार्द के लिए उचित नहीं हैं।
भारतीय सुहेलदेव समाज पार्टी ने मुख्यमंत्री से मांग की कि कथित जातिसूचक टिप्पणी करने वाले सभी व्यक्तियों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम तथा अन्य प्रासंगिक कानूनी धाराओं के तहत निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए।
इस दौरान मीडिया से बातचीत में सुभासपा के एमएलसी विच्छेलाल राजभर ने कहा कि पिछड़े, अति पिछड़े, दलित और वंचित समाज का सम्मान सर्वोपरि है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं की भाषा और व्यवहार समाज के कमजोर वर्गों का अपमान करने वाला है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी समाज के प्रति अपमानजनक भाषा स्वीकार नहीं की जा सकती और जनता ऐसे व्यवहार का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव में देगी।
उन्होंने समर्थकों से लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील की तथा कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता अपने मत के माध्यम से निर्णय करेगी। उन्होंने एनडीए गठबंधन सरकार के समर्थन की भी अपील करते हुए कहा कि उनकी पार्टी सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
सुभासपा ने अंत में मुख्यमंत्री से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रदेश में सभी वर्गों के सम्मान और सामाजिक सद्भाव की रक्षा हो सके।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
