संघर्ष और सपनों की जीत: गुलाब जामुन व्यवसायी की बेटी महक बनी CISF जवान

वर्दी में माता-पिता को सलाम कर जीत लिया सबका दिल उड़ीसा से छह माह का प्रशिक्षण पूरा कर पहली बार घर लौटी, ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं से हुआ भव्य स्वागत

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रोहित यादव

औरंगाबाद-खीरी,27 जुलाई(तरुणमित्र)। कौन कहता है आसमान में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों।
प्रसिद्ध शायर की ये पंक्तियाँ सोमवार को मैगलगंज कस्बे में सजीव होती नजर आईं, जब एक साधारण परिवार की बेटी ने अपने अथक परिश्रम और अटूट संकल्प से सफलता की ऐसी कहानी लिख दी, जिस पर पूरा कस्बा गर्व महसूस कर रहा है।

मैगलगंज के प्रसिद्ध गुलाब जामुन व्यवसायी विजय गुप्ता की 20 वर्षीय पुत्री महक गुप्ता ने कठिन मेहनत और लगन के बल पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में भर्ती होकर अपने माता-पिता के वर्षों पुराने सपनों को साकार कर दिया। उड़ीसा में लगभग छह माह का कठिन प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सोमवार को वह पहली बार अपने घर लौटी, जहाँ उसका भव्य स्वागत किया गया।

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कस्बे की सड़कों पर ढोल-नगाड़ों की गूंज, पुष्पवर्षा और फूल-मालाओं के बीच महक का स्वागत किसी उत्सव से कम नहीं था। लेकिन इस पूरे आयोजन का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब वर्दी में सजी महक वाहन से उतरते ही सीधे अपने माता-पिता के पास पहुँची। उसने पूरे सम्मान के साथ उन्हें सलामी दी और फिर अपना कैप उतारकर अपने पिता विजय गुप्ता के सिर पर रख दिया। यह दृश्य देखकर वहाँ उपस्थित लोगों की आँखें नम हो गईं। उस पल एक बेटी ने मानो अपने माता-पिता के त्याग, संघर्ष और विश्वास को सबसे बड़ा सम्मान दे दिया।
माँ की आँखों में खुशी के आँसू थे, पिता के चेहरे पर गर्व साफ झलक रहा था और उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इस भावुक पल का स्वागत किया। हर कोई यही कह रहा था कि मेहनत, संस्कार और हौसले के आगे कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।

इस अवसर पर कस्बे के व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने महक को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उसकी सफलता क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

महक गुप्ता की उपलब्धि यह संदेश देती है कि सपने देखने वालों के लिए संसाधनों की कमी कभी बाधा नहीं बनती। यदि इरादे मजबूत हों, मेहनत ईमानदार हो और माता-पिता का आशीर्वाद साथ हो, तो छोटे कस्बों की बेटियाँ भी देश की सुरक्षा का दायित्व निभाते हुए पूरे समाज का नाम रोशन कर सकती हैं।

आज महक गुप्ता केवल अपने परिवार की शान नहीं, बल्कि पूरे मैगलगंज और लखीमपुर खीरी की बेटियों के लिए प्रेरणा, आत्मविश्वास और सफलता का प्रतीक बन चुकी हैं।

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पिछले एक दशक से पत्रकारिता में सक्रिय विजय पाल खबरों की तेज़ समझ और ज़मीनी पकड़ के लिए जाने जाते हैं। रिपोर्टिंग और समाचार लेखन के क्षेत्र में उन्होंने निरंतर काम किया है। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं।

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