सूचनाओं के नाम पर जनपद के 34 माध्यमिक विद्यालयों का वेतन रोकना अन्यायपूर्ण - संजय द्विवेदी
उत्तर प्रदेश से माध्यमिक शिक्षक संघ ने जताई आपत्ति
संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश मंत्री संजय द्विवेदी ने कहा है कि जीपीएफ से संबंधित सूचनाओं के संकलन के नाम पर जनपद के 34 माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाचार्य, शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का का वेतन रोक देना अन्यायपूर्ण है। कल तक जनपद के शिक्षकों का वेतन बिल कोषागार नहीं पहुंचा तो आंदोलन होगा।
द्विवेदी ने बताया कि जनपद के जीपीएफ कटौती के लेखा-जोखा से संबंधित प्रपत्र छह उपलब्ध ना कराने के कारण जिला विद्यालय निरीक्षक ने जनपद के 34 माध्यमिक विद्यालयों का वेतन रोक दिया है। जबकि इनमें से अधिकांश विद्यालयों ने अपनी सूचनाओं जिला विद्यालय निरीक्षक के पटल सहायक को उपलब्ध करा दी है।
द्विवेदी ने बताया कि संत कबीर नगर जनपद का विभाजन 1997 में हुआ था किंतु 2002 तक जनपद के 34 माध्यमिक विद्यालयों के जीपीएफ का लेखा-जोखा बस्ती से डील किया जाता है। जनपद विभाजन के 29 साल बाद भी जीपीएफ की धनराशि ब्याज सहित संत कबीर नगर जनपद क कोषागार में वापस नहीं आई है, जिसको लेकर समय पर शिक्षक संगठन हो हल्ला करते रहे हैं।
द्विवेदी ने कहा है कि वेतन रोकना समस्या का समाधान नहीं है। विद्यालयों से समन्वय स्थापित कर जीपीएफ से संबंधित सूचना मंगाई जाए लेकिन वेतन सभी का निर्गत कर दिया जाए।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में पाँच वर्षों का अनुभव रखने वाले दयानिधि त्रिपाठी वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के संत कबीर नगर ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज के साथ वह लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
