कलान,मिर्जापुर क्षेत्र में छुट्टा पशुओं का आतंक, हाईवे पर घूमते हैं छुट्टा गौवंशीय
संवाददाता/ दिनेश मिश्रा
आए दिन होती है दुर्घटनायें, कई लोगों की हो चुकी है मौत , ढाई गांव में दो और लोग नंदी के हमले से घायल
कलान/शाहजहांपुर। कलान तहसील क्षेत्र में छुट्टा गौवंशियों का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। आवारा गौवंशिय दिन में व रात में हाईवे पर रहते हैं। जिससे आए दिन सड़क दुर्घटनाओं में लोग घायल हो जाते हैं। गौवंशियों से टकराकर लोगों की मौत तक हो जाती है।इतना ही नहीं बड़े वाहनों की चपेट में आकर गौवंशियों की भी मौत हो जाती है। मिर्जापुर ढाई गांव में एक सांड ने एक किसान आत्माराम तथा उन्हें बचाने गए युवक कल्लू को पटक- पटक कर घायल कर दिया। ज्ञात हो कि बीते 28 अगस्त को मिर्जापुर में सर्राफा एवं कपड़ा व्यापारी दिनेश चन्द्र गुप्ता पर सांड ने अचानक हमला कर दिया और उन्हें पटक-पटक कर घायल कर दिया था।इलाज के दौरान उनकी बरेली के एक निजी अस्पताल उनकी हो गयी। तहसील क्षेत्र में जरियनपुर से लेकर मिर्जापुर,थरिया,नौगवां मुबारिकपुर, रुकनपुर,कलान, धर्मपुर,भर्रामई, जखिया, बाराकलां तक आवारा गौवंशिय हाईवे पर स्वच्छंद विचरण करते हैं।यहां तक कि रोड पर ही बैठ जाते हैं। जिससे आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। नगरवासियों एवं क्षेत्रीय ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से छुट्टा गोवंशो को पकड़कर गौ संरक्षण केन्द्र में भिजवाए जाने की मांग की है।
क्यों बढ़ रहे आवारा गौवंशिय
कलान/शाहजहांपुर। कलान मिर्जापुर क्षेत्र में आवारा गौवंशियों की संख्या लगातार दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।जिसका मुख्य कारण है कि पशुपालक गौवंशीयों को तब तक पालते हैं।जब तक वह दूध देते हैं।दूध न देने पर पशुपालक उन्हें छोड़ देते हैं। यहां दूध देने वाली गायों को भी पशुपालक दूध निकालने के बाद छोड़ देते हैं। कई पशुपालक गाय का बच्चा अपने घर पर बांध लेते हैं।गायें किसानों की फसल चरने के बाद उसी जगह पहुंचती है जहां उनका बच्चा होता है। प्रशासन को चाहिए कि गाय छोड़ने वाले गौपालकों के विरुद्ध भी कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाये। कानूनी कार्रवाई होने से आवारा गौवंशियों की संख्या में कमी आयेगी।
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आफ़वां खान उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जनपद के ब्यूरो प्रमुख हैं। इनकी पत्रकारिता के करीब हर बिन्दुओं पर गहरी पकड़ है।
