घर के प्रवेश पर दीवार,अंदर की झलक पाने के लिए मशक्कत करते रहे अफजाल अंसारी
-घर में टूटे मिले लॉक,अस्त- व्यस्त मिला सामान
-नगर निगम ने बनाया अंदर जाने का रास्ता
लखनऊ। बुधवार गाजीपुर सांसद कोर्ट के आदेश पर मकान पर कब्ज़ा लेने पहुंचे थे। इस दौरान घर के प्रवेश द्वार के सामने लम्बे दीवार खड़ी नजर आई। यह दीवार एलडीए द्वारा गरीबों को आवास देने के लिए बनाई गई सरदार वल्ल्भ भाई पटेल योजना की बाउंड्री थी। लगभग चार साल बाद अफजाल घर के अंदर की एक झलक पाने के लिए जद्दोजहद करते नजर आये। नगर निगम की टीम ने अंदर जाने का रास्ता बनाया। घर के अंदर जब वह दाखिल हुए तो घर की तिजोरियों के लॉक टूटे मिले। लॉकरों में रखी ज्वेलरी और सामान गायब था। जबकि घर का सामान अस्त-व्यस्त मिला। सांसद अफजाल का कहना है कि आगे की प्रक्रिया के लिए विधिक राय ली जाएगी। दरअसल, डालीबाग में गाजीपुर सांसद अफजल अंसारी की पत्नी फरहत अंसारी की कोठी की सील बुधवार को कोर्ट के आदेश पर खोली गई। नगर निगम की टीम ने सील हटाकर अफजाल अंसारी और उनके परिवार को चाबियां सौंपीं। अफजाल का आरोप है कि कोठी के अंदर पहुंचने पर अलमारियों और दराजों के लॉक टूटे मिले। अलमारियों में बेटी की शादी के लिए रखे कीमती जेवर और लाखों रुपए की कीमत का अन्य सामान गायब है। अफजाल अंसारी का कहना है कि चार साल पहले जब गाजीपुर प्रशासन ने कोठी को सील किया था, उसके कुछ दिन बाद ही यहां चोरी हुई थी। उस समय भी पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने मामले पर ध्यान नहीं दिया। कोठी की निगरानी और सुरक्षा के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। इसी वजह से चोर कोठी से कीमती सामान ले गए।

गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी बुधवार को अपनी दोनों बेटियों के साथ डालीबाग स्थित कोठी पर कब्जा लेने पहुंचे। कोर्ट से फरहत अंसारी के पक्ष में फैसला आने के बाद नगर निगम और पुलिस की मौजूदगी में कोठी सौंपने की प्रक्रिया शुरू की गई। अफजाल के पहुंचने पर बड़ी संख्या में लोग भी मौके पर जुट गए। डालीबाग में करीब 6,700 वर्गफीट में बनी यह कोठी फरहत अंसारी के नाम पर है।

गाजीपुर के डीएम के आदेश पर 28 अक्टूबर 2022 को गाजीपुर पुलिस की टीम ने लखनऊ पहुंचकर कोठी को सील किया था। इसके बाद इसकी देखरेख और निगरानी की जिम्मेदारी लखनऊ नगर आयुक्त को सौंप दी गई थी। गाजीपुर की कोर्ट ने फरहत अंसारी को राहत देते हुए उनके नाम की कोठी उन्हें वापस करने के आदेश दिए थे।
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इसके बाद गाजीपुर जिला प्रशासन ने लखनऊ के नगर आयुक्त को पत्र भेजकर कोठी से सील हटाने और उसे वापस सौंपने के लिए कहा था। डीएम के आदेश के बाद नगर निगम की टीम बुधवार को चाबी सौंपने पहुंची। टीम में नायब तहसीलदार राजेंद्र कुमार और लेखपाल भी शामिल रहे।
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पिछले छह वर्षों से क्राइम रिपोर्टिंग में सक्रिय सत्य प्रकाश भारती अपराध से जुड़े मामलों पर गहरी पकड़ रखते हैं। तथ्यपरक रिपोर्टिंग और संतुलित प्रस्तुति उनकी कार्यशैली की पहचान है। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ में कार्यरत हैं।
