योगी ने यूपी में एच1एन1 जांच मुफ्त करने के दिए निर्देश, अलर्ट जारी

Published By Mahi Khan
On
Mahi Khan Picture

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए (एच 1 एन 1) की जांच सभी जिला अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी, मेडिकल कॉलेजों सहित सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क कराए जाने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि अधिक मामलों वाले जिलों में निगरानी और उपचार व्यवस्था को और मजबूत किया जाए तथा अस्पतालों में दवा, जांच और आइसोलेशन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित रहे।

जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया स्थलीय निरीक्षण ये खबर भी पढ़े : जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया स्थलीय निरीक्षण

गंभीर मरीजों के लिए अलग आईसीयू वार्ड तैयार किए जाएं। मुख्यमंत्री ने एच 1 एन 1 की रोकथाम और उपचार के संबंध में विस्तृत गाइडलाइन जारी करने तथा टेलिकन्सल्टेशन व्यवस्था को प्रभावी बनाने के भी निर्देश दिए।

बुधवार को उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह की उपस्थिति में प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए (एच 1 एन 1) एवं सीजनल इन्फ्लुएंजा की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीजों की समय से पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जाए।

जहां भी मामलों में बढ़ोतरी हो रही है, वहां निगरानी बढ़ाने के साथ तत्काल आवश्यक चिकित्सा व्यवस्थाएं की जाएं। निजी चिकित्सा संस्थानों द्वारा जांच के लिए पूर्व में निर्धारित शुल्क से अधिक शुल्क न लिया जाए, यह भी सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में विशेषज्ञों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि इन्फ्लुएंजा-ए (एच 1 एन 1), इन्फ्लुएंजा-ए वायरस की एक प्रजाति है और यह सीजनल इन्फ्लुएंजा की श्रेणी में आता है।

इसका संक्रमण मुख्य रूप से खांसी और छींक से निकलने वाली सूक्ष्म बूंदों के माध्यम से फैलता है। बुखार, नाक बहना, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द, ठंड लगना और आंखों में लालिमा इसके प्रमुख लक्षण हैं। बताया गया कि दाे सितंबर तक प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए (एच 1 एन 1) के 685 प्रयोगशाला-पुष्ट मामले सामने आए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सामान्य लक्षण वाले मरीजों को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार घर पर आराम और सेल्फ आइसोलेशन की सलाह दी जाए, जबकि गंभीर मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने बच्चों, गर्भवती महिलाओं, 65 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

एएनएम, आशा एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के सहयोग से सघन जांच अभियान चलाकर संभावित मरीजों की पहचान करने तथा जरूरत के अनुसार होम क्वारंटीन, मास्क और संक्रमण से बचाव के अन्य उपायों की जानकारी एवं सहायता उपलब्ध कराने को कहा। अस्पतालों में इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षण वाले मरीजों के लिए अलग काउंटर बनाने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों पर अनावश्यक दबाव न बढ़े और गंभीर मरीजों को समय से उपचार मिल सके, इसके लिए मरीजों की स्थिति के अनुसार रेफरल की व्यवस्था की जाए।

गंभीर लक्षण वाले मरीजों को ही अस्पताल भेजने के साथ ऐसे मरीजों के लिए समुचित उपचार और आईसीयू की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

विशेषज्ञों ने बताया कि सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द, अत्यधिक सुस्ती, रक्तचाप कम होना, खून मिला बलगम अथवा नाखूनों का नीला पड़ना गंभीर स्थिति के संकेत हो सकते हैं।

बच्चों में लगातार तेज बुखार, भोजन लेने में असमर्थता, झटके आना, तेज सांस चलना या सांस लेने में कठिनाई तथा पहले से मौजूद बीमारी की स्थिति बिगड़ना भी गंभीर संकेत हैं।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में ओसेल्टामिविर कैप्सूल और सिरप तथा एच1एन 1 वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता है। जनपदीय चिकित्सालयों में हेल्प डेस्क, जांच के लिए नमूना संग्रह और पृथक फ्लू ओपीडी की व्यवस्था है। सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में भी फ्लू हेल्प डेस्क, आवश्यक जांच, दवाओं और आइसोलेशन बेड की व्यवस्था उपलब्ध है।

निदेशक एसजीपीजीआई डॉ. आरके धीमान, कुलपति केजीएमयू डॉ. सोनिया नित्यानंद और राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, लखनऊ के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने मुख्यमंत्री को अपने-अपने संस्थानों में उपलब्ध उपचार, टेस्टिंग और दवाओं की उपलब्धता के संबंध में अवगत कराया।

बैठक में बताया गया कि चिकित्सा महाविद्यालयों में फ्लू ओपीडी और आइसोलेशन बेड की व्यवस्था है तथा जांच के लिए पर्याप्त आरटीपीसीआर किट उपलब्ध हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संक्रमण की रोकथाम के लिए जनजागरूकता अभियान को प्रभावी बनाया जाए। क्या करना है और क्या नहीं करना है, इसकी सरल, सही और तथ्यपरक जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाए, ताकि अनावश्यक पैनिक की स्थिति न बने।

अस्पतालों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर हाथों की स्वच्छता, खांसी और छींक के दौरान सावधानी तथा संक्रमण से बचाव के उपायों के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि एच 1 एन 1 की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए और किसी भी जिले में मामलों में बढ़ोतरी दिखाई देने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं।

उन्होंने कहा कि बीमारी की समय पर पहचान, जरूरतमंद मरीज को त्वरित उपचार, पर्याप्त चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता और लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना संक्रमण से निपटने की प्रभावी रणनीति है।

 

लेखक के बारे में

Mahi Khan Picture

माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।

नवीनतम

जबलपुर: पिता ने की तीन साल के बेटे की हथौड़े से हत्या, आरोपी गिरफ्तार

जबलपुर। जिले के बेलखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम बसेड़ी में बुधवार दोपहर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई।...
मध्य प्रदेश 
जबलपुर: पिता ने की तीन साल के बेटे की हथौड़े से हत्या, आरोपी गिरफ्तार

महाराष्ट्र की 61.50 लाख लूट का प्रयागराज में खुलासा, आरोपी गिरफ्तार

प्रयागराज। महाराष्ट्र के ठाणे ग्रामीण जिले के थाना शाहपुर क्षेत्र में सर्राफा कारोबारी से 61.50 लाख रुपये की लूट के...
उत्तर प्रदेश 
महाराष्ट्र की 61.50 लाख लूट का प्रयागराज में खुलासा, आरोपी गिरफ्तार

हाईटेक कंपनियों को बीआईएस से छूट देगा केंद्र, नया नियम

नई दिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि सरकार भारत में विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने...
कारोबार 
हाईटेक कंपनियों को बीआईएस से छूट देगा केंद्र, नया नियम

चकमार्ग पर कब्जा कर खड़ी कर दी पक्की दीवार, राजस्व टीम ने ढहाई

शहनूर अली तहसील प्रभारी निघासन
उत्तर प्रदेश 
चकमार्ग पर कब्जा कर खड़ी कर दी पक्की दीवार, राजस्व टीम ने ढहाई

उत्तर प्रदेश

महाराष्ट्र की 61.50 लाख लूट का प्रयागराज में खुलासा, आरोपी गिरफ्तार

प्रयागराज। महाराष्ट्र के ठाणे ग्रामीण जिले के थाना शाहपुर क्षेत्र में सर्राफा कारोबारी से 61.50 लाख रुपये की लूट के...
उत्तर प्रदेश 
महाराष्ट्र की 61.50 लाख लूट का प्रयागराज में खुलासा, आरोपी गिरफ्तार

चकमार्ग पर कब्जा कर खड़ी कर दी पक्की दीवार, राजस्व टीम ने ढहाई

शहनूर अली तहसील प्रभारी निघासन
उत्तर प्रदेश 
चकमार्ग पर कब्जा कर खड़ी कर दी पक्की दीवार, राजस्व टीम ने ढहाई

वाराणसी में बाढ़ से निपटने को बनेंगे फ्लड पिलर, अलर्ट

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में जीवनदायिनी गंगा की सहायक नदी वरूणा के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ के पानी के...
उत्तर प्रदेश 
वाराणसी में बाढ़ से निपटने को बनेंगे फ्लड पिलर, अलर्ट