बस से उतरते ही यात्रियों का पहले पैर कीचड़ में, जिम्मेदार कौन ?
बाराबंकी बस अड्डा सूरत- ए- हाल
मनोज शर्मा, बाराबंकी संवाददाता
बाराबंकी। जरा सी बरसात होने पर बाराबंकी शहर के पुराने बस अड्डे पर हो जाता है जल भराव बस से उतरते ही यात्रियों का पहला पांव कीचड़ में पड़ता है क्यों - इसके लिए जिम्मेदार कौन?
राजधानी लखनऊ की सीमा से सटा बाराबंकी शहर के पुराने बस अड्डे पर आखिरकार यात्रियों को कीचड़ से कब छुटकारा मिलेगा ? ’बीते कई वर्षो से सरकार बस अड्डे को कीचड़ से निजात नहीं दिलवा पायी है वर्तमान में हकीकत यह है कि बरसात में बसों से उतरते ही यात्रियों का पहला पांव कीचड़ में’ पड़ता है। कई वर्षों से इस बस अड्डे पर थोड़ा पानी बरसते ही गन्दा व कीचड़ युक्त पानी दूर तक भर जाता है।सूत्र बता रहे परिसर में इंटरलॉकिंग व्यवस्था ठीक नहीं फलस्वरूप पानी निकासी नही है।
ज्ञात रहे प्रायः बरसात में नगर का एकमात्र पुराना बस अड्डा आज भी अन्य प्रदेशों या जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों का कीचड़ से स्वागत कर रहा है जो प्रदेश सरकार व परिवहन निगम के लिए स्वच्छता पर यक्ष प्रश्न !
ये खबर भी पढ़े : कौशांबी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में बड़ी कार्रवाई, इंस्पेक्टर समेत सात पुलिसकर्मी निलंबितबरसात के मौसम मे बस अड्डा पर कीचड़ ही कीचड़ रहता है। यहां पहुंचने पर बस से उतरते ही ’पहला कदम कीचड़ में पड़ने से यात्री यहां की प्रबंधन को कोसते’ नजर आते हैं। ’यात्री कहते सुनाई देते हैं कि क्या यही है बाराबंकी का विकास ?
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
