बाराबंकी: पोस्टमार्टम के बाद शव ले जाने में मानकों की अनदेखी
शव वाहन की जगह एंबुलेंस का हो रहा इस्तेमाल
मनोज शर्मा
बाराबंकी। जनपद में पोस्टमार्टम के बाद मृतकों के शव को घर तक पहुंचाने के लिए निर्धारित सरकारी शव वाहन (शववाहन/हर्स वाहन) की बजाय सामान्य एंबुलेंस का उपयोग किए जाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोगों का आरोप है कि शव ले जाने के लिए अलग से सरकारी शव वाहन की व्यवस्था होती है, जबकि मरीजों को ले जाने के लिए एंबुलेंस निर्धारित होती है। इसके बावजूद मानकों के विपरीत एंबुलेंस से शवों का परिवहन कराया जा रहा है।
कई लोगों का आरोप है कि यह व्यवस्था लंबे समय से चली आ रही है, लेकिन इस ओर स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान नहीं जा रहा है। पोस्टमार्टम के बाद शव वाहन की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने की मांग की जा रही है, ताकि निर्धारित मानकों का पालन हो सके।
मनमानी वसूली का भी आरोप
कई लोगों का आरोप है कि शव को ले जाने के नाम पर कुछ एंबुलेंस संचालक मृतकों के परिजनों से मनमाना किराया वसूलते हैं। लोगों ने पूरे मामले की जांच कर व्यवस्था में सुधार तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
बोले सीएमओ बाराबंकी
हालांकि, इस संबंध में जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजन गौतम से बात किया गया तो उनके द्वारा बताया गया कि जिले में दो शव वाहन है परिवार की विशेष परिस्थित में या फिर कोई निर्देश प्राप्त हो कि इनके पास शव ले जाने का कोई साधन नहीं है। उनकी मांग पर मुहैया कराया जाता है लेकिन ज्यादातरण लोग शव वाहन की मांग नहीं करते हैं।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
