साइबर अपराध की चुनौती से निपटने के लिए थाना दुधारा, मेंहदावल पर साइबर टीम का विशेष प्रशिक्षण
संत कबीर नगर, पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना* के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह* के मार्गदर्शन में साइबर अपराधों की रोकथाम, त्वरित कार्रवाई तथा साइबर अपराध से पीड़ित व्यक्तियों की धनराशि वापस कराने के उद्देश्य से थाना दुधारा व थाना मेंहदावल पर विशेष साइबर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया । गोष्ठी के दौरान साइबर थाना प्रभारी जयप्रकाश चौबे* एवं साइबर टीम द्वारा थाना दुधारा व थाना मेंहदावल की साइबर टीम एवं संबंधित पुलिसकर्मियों को साइबर अपराधों से जुड़े मामलों में प्रभावी एवं तकनीकी रूप से सुदृढ़ कार्रवाई के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
*प्रशिक्षण में प्रमुख रूप से निम्न बिंदुओं पर दी गई जानकारी—*
1. साइबर अपराध की सूचना प्राप्त होने के तत्काल बाद की जाने वाली कार्रवाई एवं समयबद्ध तरीके से आवश्यक कदम उठाने की प्रक्रिया समझाई गई।
02.साइबर फ्रॉड में पीड़ित के खाते से निकली धनराशि को समय रहते ट्रेस/फ्रीज कराने तथा पीड़ित की धनराशि वापस कराने की प्रक्रिया के संबंध में व्यावहारिक जानकारी दी गई।
3. लिंकिंग, MRM एवं GRM से संबंधित कार्यप्रणाली, उपलब्ध तकनीकी माध्यमों का सही उपयोग तथा साइबर अपराध की धनराशि को ट्रैक करने की प्रक्रिया के बारे में प्रशिक्षण दिया गया।
4. NCRP (National Cyber Crime Reporting Portal) पर साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों के पंजीकरण, निगरानी, आवश्यक कार्रवाई एवं पोर्टल पर समयबद्ध तरीके से कार्य करने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
05.साइबर अपराध के मामलों में प्राप्त डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने, उनका सही तरीके से विश्लेषण करने तथा विवेचना में तकनीकी साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
06.साइबर अपराध पीड़ितों के साथ संवेदनशील व्यवहार, त्वरित सहायता एवं लगातार फॉलोअप के महत्व पर भी विशेष जोर दिया गया।
*“साइबर अपराध में समय ही सबसे महत्वपूर्ण हथियार है”*
प्रशिक्षण के दौरान यह संदेश दिया गया कि साइबर अपराध होने के बाद हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। पीड़ित व्यक्ति को केवल शिकायत दर्ज कराने तक सीमित न रखते हुए उसकी समस्या को अपनी जिम्मेदारी समझकर त्वरित तकनीकी कार्रवाई करना ही प्रभावी पुलिसिंग है । साइबर अपराध से पीड़ित व्यक्ति के लिए उसकी मेहनत की कमाई केवल धनराशि नहीं, बल्कि उसके परिवार की उम्मीद, बच्चों का भविष्य और वर्षों की मेहनत होती है। इसलिए प्रत्येक साइबर शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संवेदनशीलता, तत्परता और तकनीकी दक्षता के साथ कार्य किया जाना आवश्यक है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम ने साइबर टीम के पुलिसकर्मियों के तकनीकी ज्ञान एवं कार्यक्षमता को और मजबूत किया तथा उन्हें बदलते साइबर अपराधों के अनुरूप स्मार्ट, संवेदनशील एवं परिणामपरक पुलिसिंग के लिए प्रेरित किया।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में पाँच वर्षों का अनुभव रखने वाले दयानिधि त्रिपाठी वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के संत कबीर नगर ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज के साथ वह लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
