भातखण्डे विवि में मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व शिक्षक दिवस
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लखनऊ। भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और शिक्षक दिवस का आयोजन हर्षोल्लास, श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की स्तुति एवं भक्ति से ओत-प्रोत भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। विद्यार्थियों की मधुर प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया और पूरा सभागार कृष्णमय हो उठा।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षक दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा समस्त गुरुजनों एवं शिक्षकों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की गई। विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए उनके मार्गदर्शन एवं योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर शिक्षक-शिष्य परंपरा की महत्ता तथा भारतीय ज्ञान एवं सांस्कृतिक परंपरा के संरक्षण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मांडवी सिंह एवं कुलसचिव एसपी. सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए सभी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एवं शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। कुलपति प्रो. मांडवी सिंह ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, सत्य, कर्तव्य, प्रेम एवं कर्मयोग का संदेश देता है। वहीं, शिक्षक हमारे जीवन को सही दिशा प्रदान करते हुए ज्ञान, संस्कार एवं जीवन-मूल्यों से समृद्ध करते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सदैव सर्वोच्च रहा है और शिक्षक दिवस गुरु-शिष्य की इसी महान परंपरा के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर है।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
